Varanasi: बसपा द्वारा भारत बंद के आवाहन के बावजूद उसका कोई भी असर बनारस में देखने को नहीं मिला। दरअसल, बहुजन संगठनों ने 21 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया फैसले के विरोध में देशव्यापी बंद की घोषणा की। जिसमें अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षण श्रेणियों के भीतर उप-वर्गीकरण की अनुमति दी गई है। बहुजन समाज पार्टी के साथ-साथ भीम आर्मी के सदस्यों ने भारत बंद का आह्वान करते हुए वाराणसी के जिला मुख्यालय पर हजारों की संख्या में प्रदर्शन किया। इस बीच पुलिस और बसपा के कार्यकर्ताओं में नोक-झोंक की सुचना भी मिली है।
Varanasi: सौंपा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन
संगठन के सभी लोग कचहरी स्थित अम्बेडकर पार्क (Varanasi) में एकत्रित हुए। वहां से भारी संख्या में लोग जुलूस निकालकर जिला मुख्यालय पहुंचे। जुलूस के आगे आगे भारी संख्या में पुलिस फ़ोर्स भी चलती नजर आई। इस दौरान संगठन के लोगों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंप कर यह मांग की है कि जो वर्गीकरण हमारे आरक्षण में किया गया है उसको संविधान की नवमी सूची में डालने का कष्ट करें।
इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और लालगंज के पूर्व सांसद डॉक्टर बलिराम ने कहा कि हम लोग अपने धरना प्रदर्शन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर उनसे यह कहते हैं कि हमारे आरक्षण में किए गये इस वर्गीकरण को हमारे संविधान के नवमी सूची में डाला जाये और प्रधानमंत्री को इस कार्य को करने के लिए वह पहल करें, जिससे कि हम लोगों का भला हो सके।
बताते चलें कि धरना प्रदर्शन में हजारों की संख्या में दोनों पार्टियों के नेताओं (Varanasi) के साथ-साथ काफी संख्या में महिलाएं और पुरुष की शामिल रहे। हाथों में संविधान बचाओ-आरक्षण बचाओ की तख्तियां लिए चल रहे थे। इस दौरान बसपा के समर्थक हाथों में भीमराव आंबेडकर, काशीराम साहबी और मायावती के पोस्टर लिए चल रहे थे। साथ ही साथ चारों-तरफ बसपा का झंडा लहराता नजर आया। वहीं इस अवसर पर काफी संख्या में पुलिस (Varanasi) के बंदोबस्त किए गये थे। जुलूस के साथ-साथ चलती पुलिस की टीम अपनी पैनी नजर बनाये रखे थी ताकि किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना ना घटित हो।

