जौनपुर (Jaunpur) के पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बीएससी इंवारमेंटल साइंस विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुधीर उपाध्याय पर एक प्रथम वर्ष की छात्रा ने अश्लील हरकत और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। छात्रा ने इस मामले में विश्वविद्यालय के कुलपति के पास लिखित शिकायत दी है। उसने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर डॉ. सुधीर उपाध्याय उसे वाट्सएप कॉल चैटिंग के माध्यम से और अपनी केबिन में बुलाकर अश्लीलता करते हैं।
छात्रा ने शिकायत पत्र में प्रोफेसर सुधीर कुमार उपाध्याय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह उसे नियमित रूप से शाम 7:30 से 8:00 बजे के बीच फोन करते हैं और अनुचित बातें करते हैं। छात्रा का आरोप है कि प्रोफेसर उसे वीडियो कॉल करने के लिए मजबूर करते हैं, और उसके विरोध के बावजूद उसे कॉलिंग के लिए बाध्य करते हैं।छात्रा ने आगे बताया कि प्रोफेसर ने एक बार उसे अपने चेम्बर में बुलाकर आपत्तिजनक बातें की।
शिकायत के अनुसार, जब छात्रा उनके फोन कॉल का जवाब नहीं देती या उनके चैम्बर में जाने से इनकार करती है, तो वह अन्य छात्रों के सामने उसे डांटते हैं। साथ ही, उन्होंने विभागाध्यक्ष और सीनियर छात्रों के खिलाफ भी अभद्र टिप्पणियां की हैं। छात्रा ने प्रोफेसर पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके साथ कोई गलत घटना घटने से पहले उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
छात्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की है कि वे यौन उत्पीड़न के मामलों में सख्त कार्रवाई करें ताकि भविष्य में किसी और छात्रा को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब डॉ. सुधीर उपाध्याय पर ऐसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इससे पहले भी कई छात्राओं ने उनके खिलाफ इसी तरह के आरोप लगाए हैं, जिससे कॉलेज में कई बार शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
Jaunpur: पहले भी ये था मामला
बता दें कि पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रो. सुधीर कुमार उपाध्याय पर 2020 से लेकर अब तक कई छात्रों ने दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। 2020 में कई छात्राओं ने प्रोफेसर पर सही ढंग से कक्षाएँ न लेने, दूसरे शिक्षकों की बुराई करने, और घूस लेने के आरोप लगाए थे। इसी साल एक अन्य छात्र ने भी प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसमें व्हाट्सएप पर अनुचित मैसेज, कॉल, और फोटो-वीडियो की मांग की बात कही गई थी। 2022 में भी एमएससी की एक छात्रा ने मानसिक उत्पीड़न और दुर्व्यवहार की शिकायत की, जिसमें प्रोफेसर पर अनुचित कॉल और मैसेज के माध्यम से परेशान करने का आरोप लगाया गया।
जांच कमेटी का किया गठन
वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने मामले को गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी का गठन किया है, इस आंतरिक जांच प्रकोष्ठ सेल की कन्वीनर डॉक्टर नूपुर गोयल की अध्यक्षता में की जाएगी। वहीं दूसरी और पुलिस की आईटी टीम भी शनिवार को मामले की जांच पड़ताल करने विश्वविद्यालय पहुंची थी।
प्रोफेसर की ड्यूटी लीव और अनुदान निरस्त
वहीं मामले के तूल पकड़ने के बाद से प्रोफेसर छुट्टी पर है और उनके सभी अनुदान निरस्त कर दिए गए हैं।
The ramifications of this news could be widespread. I’m curious how it
will impact related industries in the future.
Does anyone have opinions on potential ripple effects?