Varanasi: प्रयागराज में महाकुंभ के तीन अमृत स्नानों के बाद अब पलट प्रवाह की दूसरी पारी काशी में शुरू हो गई है। इस क्रम में जूना अखाड़े के नागा साधु और संत-महात्माओं का काशी आगमन हो रहा है। सदियों पुरानी परंपरा को निभाते हुए ये साधु बाबा विश्वनाथ की नगरी में प्रवास करेंगे और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करेंगे।
Varanasi: अलर्ट मोड पर प्रशासन, बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
साधु-संतों के आगमन को लेकर काशी का प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने बनारस बॉर्डर का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी एस. राज लिंगम, एडीएम सिटी आलोक कुमार, पुलिस कमिश्नर (कानून व्यवस्था) चिनप्पा, एडीसीपी ट्रैफिक राजेश पांडेय और रोहनिया एसीपी संजीव शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने चांदपुर, लोहता और अन्य इलाकों का दौरा कर व्यवस्थाओं को परखा। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा जाए।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि श्रद्धालुओं और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा को कड़ा किया जाएगा। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने बताया कि रविवार से अखाड़ों के साधु-संतों का काशी में आगमन शुरू हो जाएगा, जिसके लिए सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
नागा साधुओं के लिए विशेष मार्ग निर्धारित
प्रशासन ने नागा साधुओं के आवागमन को आसान बनाने के लिए विशेष मार्ग निर्धारित किया है। चांदपुर चौराहे से लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर तक एक विशेष लेन बनाई गई है, ताकि यातायात में किसी प्रकार की बाधा न आए। ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया गया है कि इस रूट को सुगम और व्यवस्थित बनाए रखें।
भक्तिमय माहौल, प्रशासन ने की अपील
नागा साधुओं के आगमन से काशी का आध्यात्मिक वातावरण और अधिक भक्तिमय हो गया है। श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन और मां गंगा में स्नान के लिए भारी संख्या में पहुंचने लगे हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो।
Highlights
महाशिवरात्रि तक यह धार्मिक उल्लास चरम पर रहेगा, और काशी में आने वाले श्रद्धालु शांति और सुव्यवस्था के साथ आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर सकें, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।