Mahashivratri: महाकुंभ के बीच वाराणसी में श्रद्धालुओं का आगमन पहले से ही बढ़ चुका है। महाशिवरात्रि का पर्व, जो इस वर्ष 26 फरवरी बुधवार को है, एक महत्वपूर्ण स्नान तिथि भी है। इसके कारण देशभर से लाखों श्रद्धालु काशी आ रहे हैं। इस दौरान साधु-संतों और नागा संन्यासियों द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ संपन्न होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने विशेष सुरक्षा एवं प्रबंधन व्यवस्था की है।
गेट नंबर-4 से प्रवेश बाधित, अन्य मार्गों का करें उपयोग
अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन भारी भीड़ के चलते सुबह 6 बजे से दोपहर बाद तक गेट नंबर-4 (गोदौलिया गेट) से आम श्रद्धालुओं का प्रवेश संभव नहीं होगा। इसके बजाय दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को ललिता घाट या सरस्वती फाटक मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने यह भी बताया कि इस दौरान आम भक्तों की कतारों में प्रतीक्षा अवधि बढ़ सकती है, जिससे वृद्धजन, दिव्यांगजन और छोटे बच्चों को विशेष कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। महाशिवरात्रि पर प्रशासन ने अपील किया है कि बीमार और बुजुर्ग अपने आसपास के शिवालयों में दर्शन करें। श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे काशी विश्वनाथ मंदिर की ऑनलाइन दर्शन सुविधा का लाभ उठाएं। मंदिर प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, यूट्यूब चैनल और टाटा स्काई पर लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

Mahashivratri: नागा संन्यासियों की शोभायात्रा के कारण रूट डायवर्जन
महाशिवरात्रि के दिन विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों और नागा संन्यासियों की पारंपरिक शोभायात्रा निकलेगी, जिसके कारण गोदौलिया और मैदागिन की ओर जाने वाले रास्तों को डायवर्ट किया जाएगा। दोपहर 1 बजे तक इन मार्गों से मंदिर में प्रवेश बाधित रहेगा। प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस दौरान अन्य मार्गों का प्रयोग करें और अनावश्यक भीड़ का हिस्सा न बनें।
विशेष अनुरोध और वीआईपी दर्शन रहेंगे प्रतिबंधित
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में 25 से 27 फरवरी तक किसी भी प्रकार की विशिष्ट अनुरोध या विशेष दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह से बंद रहेगी। श्रद्धालुओं को केवल सामान्य कतार में लगकर ही दर्शन करने होंगे। प्रशासन ने भक्तों से यह भी अनुरोध किया है कि वे दर्शन के लिए खाली पेट कतार में खड़े न हों, क्योंकि अत्यधिक भीड़ के कारण दर्शन में लंबा समय लग सकता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
सुरक्षा और लॉकर सुविधाएं बंद, प्रतिबंधित वस्तुएं साथ न लाएं
महाशिवरात्रि पर्व के दौरान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, पर्स, स्मार्टवॉच, चाबियां, इयरफोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और धातु से बनी अन्य वस्तुएं पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी। इस दौरान लॉकर सुविधा भी उपलब्ध नहीं होगी, जिससे किसी दुकान या अन्य स्थान पर रखा सामान वापस लेने में श्रद्धालुओं को असुविधा हो सकती है। इसलिए प्रशासन ने अपील की है कि भक्त अपने मोबाइल और अन्य सामान होटल या घर में छोड़कर आएं।

समूह में आने वाले श्रद्धालु सतर्क रहें
प्रशासन ने सुझाव दिया है कि समूह में आने वाले श्रद्धालु अपने वापस लौटने का स्थान पहले से तय कर लें, ताकि मंदिर परिसर या कतार में अलग हो जाने की स्थिति में किसी को अनावश्यक परेशानी न हो। किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं को भागने या दौड़ने से बचना चाहिए और सामान्य प्रवाह के अनुसार ही आगे बढ़ना चाहिए।
स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल मदद लें
गर्मी और उमस भरे मौसम के कारण अत्यधिक प्रतीक्षा अवधि के दौरान वृद्धजन, महिलाएं और बच्चे असहज महसूस कर सकते हैं। प्रशासन ने बताया कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या की स्थिति में श्रद्धालु नजदीकी पुलिसकर्मी, मंदिर प्रशासन या स्वयंसेवी कर्मियों से तुरंत सहायता ले सकते हैं।
Highlights
महाशिवरात्रि पर काशी में उमड़ेगी आस्था की लहर
वाराणसी में महाशिवरात्रि पर हर वर्ष लाखों की संख्या में भक्तजन बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। इस वर्ष महाकुंभ-2025 की पृष्ठभूमि में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है। प्रशासन और पुलिस ने समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता दिखाई है। काशी आने वाले श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।