Fatty Lever: फैटी लिवर से युवाओं में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा, मेडिकल कॉलेज के शोध में हुआ खुलासापिछले कुछ वर्षों में युवाओं में अचानक हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के बीच चिंता गहराती जा रही है। इस संदर्भ में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग द्वारा की गई एक ताज़ा रिसर्च में एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है — युवाओं में फैटी लिवर की समस्या हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों का एक बड़ा कारण बनती जा रही है।
इस अध्ययन में 15 से 65 वर्ष के बीच के 120 लोगों को शामिल किया गया था, जिनमें 63 पुरुष और 57 महिलाएं थीं। विभिन्न जांच विधियों — जैसे लिवर फंक्शन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और फाइब्रो स्कैन — के जरिए पता चला कि 30 से 40 वर्ष की उम्र के अधिकांश प्रतिभागी फैटी लिवर से प्रभावित पाए गए।
शोध में सामने आए अहम तथ्य
विशेषज्ञों ने पाया कि जिन लोगों के लिवर में अत्यधिक चर्बी (Fatty Lever) जमा थी, उनके हृदय को सामान्य से अधिक पंप करना पड़ रहा था, जिससे दिल पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा था। इससे हार्ट अटैक की आशंका भी ज्यादा हो जाती है। दरअसल, जब लिवर में फैट की मात्रा बढ़ जाती है तो शरीर में रक्त संचार की जरूरत बढ़ती है, जिसे पूरा करने के लिए हृदय को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। साथ ही, बोन की नसों में वसा जमा होने से कैरोटिड इंटिमा-मीडिया थिकनेस (CIMT) बढ़ जाती है, जिससे रक्त प्रवाह में रुकावट आने लगती है।
इसके अलावा, शोध में यह भी पाया गया कि फैटी लिवर (Fatty Lever) और हृदय रोग दोनों में कुछ सामान्य जोखिम कारक होते हैं, जैसे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना। ये सभी कारक दिल का दौरा और स्ट्रोक जैसी घटनाओं की आशंका को और बढ़ा देते हैं।
फैटी लिवर (Fatty Lever) के मुख्य कारण
- अत्यधिक नॉनवेज भोजन का सेवन
- लम्बे समय तक बैठे रहकर कार्य करना
- लंबाई की तुलना में अधिक वजन बढ़ना
- पेट और कमर के चारों ओर चर्बी का जमना
- डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना
फैटी लिवर (Fatty Lever) से बचने के उपाय
- शराब और नशीले पदार्थों का पूरी तरह त्याग करें
- नियमित रूप से व्यायाम करें, खासकर पसीना निकालने वाला शारीरिक श्रम करें
- चीनी और तेल की मात्रा नियंत्रित रखें
- फास्ट फूड और जंक फूड से दूर रहें
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युवा पीढ़ी अभी से संतुलित खानपान, नियमित कसरत और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना शुरू करे तो न केवल फैटी लिवर की समस्या से बचा जा सकता है, बल्कि हृदय को भी स्वस्थ रखा जा सकता है। यह शोध न केवल चिकित्सकों के लिए चेतावनी है, बल्कि समाज को भी एक स्पष्ट संदेश देता है कि बदलती जीवनशैली के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी हो गया है।