Flood News: काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। शुक्रवार की सुबह कुछ देर स्थिर रहने के बाद गंगा का पानी दोबारा चढ़ने लगा और अब यह खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है। फिलहाल गंगा का स्तर 70.95 मीटर पर है, जो चेतावनी बिंदु से 69 सेंटीमीटर ऊपर और खतरे के निशान से मात्र 31 सेंटीमीटर नीचे है।


गंगा और वरुणा के उफान से 16 मोहल्ले और 18 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अब तक 843 परिवारों के 3526 लोग (Flood News) प्रभावित हुए हैं। वहीं, 6507 किसानों की 1597 हेक्टेयर से अधिक फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला मंदिर पूरी तरह डूब गया, जबकि अस्सी से राजघाट तक के करीब 3 हजार मंदिर गंगा के पानी में समा गए हैं।


Flood News: राहत और बचाव अभियान
प्रशासन ने अब तक 46 बाढ़ राहत शिविर बनाए हैं, जिनमें से 17 सक्रिय कर दिए गए हैं। इनमें 557 परिवार (2538 लोग) शरण लिए हुए हैं, जबकि कई लोग रिश्तेदारों और सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की 2 टीमें तैनात हैं और 48 नावें लगातार प्रभावित इलाकों में लगी हैं।

नगवां और रामेश्वर मठ में संकट
गंगा का जलस्तर बढ़ने से नगवां नाले से पानी भरकर (Flood News) रामेश्वर मठ और भागवत महाविद्यालय क्षेत्र तक पहुंच गया है। यहां चार फीट तक पानी भरने से रास्ते बंद हो गए हैं। मठ में रहने वाले विद्यार्थी अब ऊपरी मंजिलों पर शरण लेने को मजबूर हैं। इसी तरह संगम पुरी कॉलोनी में दर्जनभर परिवार पानी से घिर गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक प्रशासन ने यहां नाव संचालन शुरू नहीं किया, जिससे स्थिति और मुश्किल हो गई है।

बाढ़ से घिरे इलाकों में सैकड़ों घर डूब चुके हैं। जिला प्रशासन ने लोगों को लगातार सतर्क करते हुए कहा है कि जो मकान जलमग्न हो गए हैं, उनके निवासी छतों पर न रुकें, बल्कि नजदीकी बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचें।