Varanasi: सीर गोवर्धनपुर वार्ड नंबर 23 के संत रविदास मार्ग पर जलजमाव की समस्या ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। पिछले सात महीनों से यहां सीवर का पानी और कीचड़ भरा पड़ा है, जिससे आने-जाने वालों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। रोजाना स्कूली बच्चे, श्रद्धालु और आम नागरिक इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन गंदे पानी और दलदल में फिसलकर गिरने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। कई लोग चोटिल हो चुके हैं, बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है।

क्षेत्रीय जनता (varanasi) की लगातार अनदेखी से नाराज़ होकर रविवार को बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के महानगर अध्यक्ष अमन यादव के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। अमन यादव और उनके साथियों ने सीवर के गंदे पानी में उतरकर स्नान किया और थरिया, लोटा और घंटा बजाते हुए नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
पिछले 20–25 दिनों से काम पूरी तरह ठप
स्थानीय लोगों के अनुसार, जल निकासी और सड़क मरम्मत का काम कई बार शुरू किया गया, लेकिन हर बार कुछ दिनों की खानापूर्ति के बाद अधूरा छोड़ दिया गया। जब लोग सवाल पूछते हैं, तो अधिकारी “बजट खत्म होने” का बहाना बनाकर चले जाते हैं। अब पिछले 20–25 दिनों से काम पूरी तरह ठप पड़ा है।
इस प्रतीकात्मक विरोध (varanasi) का मकसद सरकार और प्रशासन को जगाना था। प्रदर्शन के दौरान अमन यादव ने कहा — “सात महीने से क्षेत्र की हालत नारकीय बनी हुई है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि सब मौन हैं। अगर अगले दो दिनों के भीतर सड़क और सीवर का काम शुरू नहीं हुआ, तो हम नगर निगम कार्यालय में भूख हड़ताल करेंगे।”
महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग तक सड़क पर आए उतर
विरोध प्रदर्शन (varanasi) के दौरान क्षेत्र में भारी भीड़ जुटी रही। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग तक सड़क पर उतर आए। कई लोगों ने कहा कि बरसात में हालत और भी भयावह हो जाती है, गलियों में घुटनों तक पानी भर जाता है और बदबू से घरों में रहना मुश्किल हो जाता है।

स्थानीय लोगों (varanasi) ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही संत रविदास मार्ग पर जल निकासी और सड़क मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। जनता ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर स्थिति का निरीक्षण करें और स्थायी समाधान निकालें, ताकि संत रविदास मार्ग फिर से सुगम और स्वच्छ बन सके।
प्रदर्शन में लाल बहादुर यादव, बाबूलाल यादव, मुसन्न यादव, पगल यादव, कुंदन यादव, बुल्ला यादव, गोलू यादव, हिमांशु प्रजापति, महेंद्र प्रजापति समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक शामिल रहे।

