इस दीपावली (Deepawali) पर काशी का आसमान फिर एक बार रंगीन रोशनी और आतिशबाजी से जगमगाने वाला है। शहर से लेकर देहात तक कुल 32 मैदानों में 461 अस्थायी पटाखा दुकानों की अनुमति प्रशासन द्वारा जारी कर दी गई है। ये दुकानें 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक यानी धनतेरस से दीपावली तक तीन दिनों के लिए संचालित होंगी।
कुल 535 आवेदनों में से 72 पर अभी जांच जारी है, क्योंकि उनमें रिपोर्ट या सुरक्षा मानकों से जुड़ी जानकारी अधूरी है। वहीं, प्रशासन ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है। 12 प्रमुख स्थानों पर फायर ब्रिगेड की टीमें चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
अवैध भंडारण पर कार्रवाई शुरू
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि धनतेरस और दीपावली के दौरान गोदौलिया, दशाश्वमेध, भेलूपुर, लंका, शिवपुर, सिगरा, चौक, रामनगर, भिखारीपुर, मच्छोदरी पार्क, नाटी इमली और भरत मिलाप मैदान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में दमकल गाड़ियां लगातार निगरानी में रहेंगी। हर गाड़ी में आधुनिक उपकरण, अग्निशामक यंत्र और पानी के टैंक उपलब्ध रहेंगे।
उन्होंने बताया कि इस बार फायर विभाग ने रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम रखने की तैयारी की है। सभी अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी देंगे। साथ ही, सरकार के निर्देश पर अवैध पटाखा भंडारण और बिक्री के खिलाफ अभियान भी तेज किया गया है।
सुरक्षा मानकों के साथ ही मिलेगी दुकान लगाने की अनुमति
पटाखों (Deepawali) की बिक्री के लिए चयनित प्रत्येक स्थान पर सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। हर दुकान में फायर एक्सटिंग्विशर, दो बोरी बालू और कम से कम 50 लीटर पानी भरा ड्रम रखना जरूरी होगा। दुकानों के बीच कम से कम दो फीट की दूरी रखी जाएगी और बिजली की वायरिंग सुरक्षित दूरी पर की जाएगी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि जिन दुकानदारों के आवेदन अधूरे हैं, उनकी रिपोर्ट पूरी होने पर ही अनुमति जारी की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाएगा।
Deepawali: पटाखा बाजारों के प्रमुख स्थल
इस वर्ष पटाखा बाजार (Deepawali) के लिए जिन मैदानों का चयन किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं –
- बेनिया बाग का मैदान (चौक)
- मिनी स्टेडियम (शिवपुर)
- स्वयंवर वाटिका (लंका)
- कटिंग स्कूल मैदान (कैंट)
- नाटी इमली भरत मिलाप मैदान (चेतगंज)
- रामलीला मैदान (चौबेपुर, रोहनिया)
- कबीर नगर पार्क (भेलूपुर)
- बृज इन्क्लेव (भेलूपुर)
- शहनाई पैलेस (रामनगर)
- राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (चोलापुर)
- संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर (चेतगंज)
शहर से बाहर फुलपुर, बड़ागांव और मंडुवाडीह क्षेत्रों के खुले मैदानों को भी पटाखा बाजार (Deepawali) के लिए स्वीकृत किया गया है।
बेनिया बाग बनेगा पटाखा बाजार का केंद्र
इस बार सबसे अधिक 50 दुकानें बेनिया बाग मैदान में लगाई जाएंगी। इसके बाद बृज इन्क्लेव में 22, स्वयंवर वाटिका लंका में 21, कबीर नगर पार्क में 21 और आवास विकास कॉलोनी लालपुर में 20 दुकानें लगाने की योजना है। मंडुवाडीह और कटिंग मेमोरियल मैदान में भी 22 से अधिक दुकानें प्रस्तावित हैं।
पटाखा दुकानों (Deepawali) को तीन दिन का अस्थायी लाइसेंस दिया जाएगा, जो तीनों जोन के डीसीपी कार्यालयों से जारी होगा। लाइसेंसधारक दुकानों की निरंतर जांच की जाएगी और सुरक्षा मानकों का पालन न करने वालों पर त्वरित कार्रवाई होगी। पिछले वर्ष दीपावली के दौरान काशी में करीब 80 करोड़ रुपये का पटाखा कारोबार हुआ था। इस बार प्रशासन और व्यापारी दोनों को उम्मीद है कि उत्सव और बाजार की रौनक इस आंकड़े को पार कर जाएगी।

