काशी में खड़े गंगा क्रूज पर शुक्रवार सुबह तेज धमाका हुआ। विस्फोट होते हर तरह धुआं फ़ैल गया और चारों ओर अंधेरा छा गया, इसके चलते NSG ने इस परिस्थितियों को संभालते हुए अपने कुछ कमांडो को गंगा में भेजा। वहीं टीम ने तत्परता दिखाते हुए गंगा नदी में छलांग लगा दी ओर क्रूज को चारो-ओर से घेर लिया। लोगों में भी कुछ असमंजस का भाव देखने को मिला लेकिन फिर पता चला कि यह नजारा कोई घटना नहीं बल्कि कमांडों द्वारा की जा रही मॉकड्रिल रहा। यह अभ्यास वाराणसी के रविदास घाट पर NSG के कमांडों ने सुरक्षा के दृष्टि से किया।

NSG के जवानों ने घायलों को बचाया
इस पूर्वाभ्यास के दौरान NSG के जवानों ने घायलों को बचाने और आतंकियों को मारने की प्रैक्टिस की। गौरतलब है कि एनएसजी के जवान सबसे पहले हेलिकॉप्टर से क्रूज पर उतरे और आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद मॉकड्रिल के जवान वापस लौटे।


आपको बता दें कि 3 अक्टूबर को संकट मोचन और बाबा विश्वनाथ धाम समेत कई अन्य स्थानों में भी मॉकड्रिल की गई थी लेकिन बारिश के कारण इसे रोक दिया गया था।

