वाराणसी (Varanasi) में मंदिरों के आसपास सक्रिय दर्शन दलालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। दशाश्वमेध पुलिस ने सोमवार को सात और लोगों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को VIP दर्शन का झांसा देकर अवैध वसूली करते थे। शिकायत मिली थी कि ये लोग मनमानी रकम न देने पर भक्तों के साथ अभद्रता तक कर रहे थे।
पहले भी 33 आरोपियों को जा चुका है पकड़ा
ACP दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि इससे पहले इसी अभियान में 33 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस टीम (Varanasi) ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर इन दलालों की पहचान की और नौ सदस्यीय विशेष टीम को ऑपरेशन में लगाया गया।

बता दें कि जिन सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें गणेश जायसवाल (22), अमन कुमार (22), कैलाशनाथ पांडेय (40), रितेश पांडेय (20), वहीद अहमद (42), रामबली बिंद (25) और रवि पांडेय (21) शामिल हैं। ये सभी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र में सक्रिय थे और श्रद्धालुओं से ठगी तथा धमकी देने की शिकायतें पहले भी मिली थीं।
Varanasi: काल भैरव मंदिर में पहली बार इस स्तर की कार्रवाई
इसी बीच, रविवार को कोतवाली पुलिस (Varanasi) ने काल भैरव मंदिर परिसर में भी दर्शन के नाम पर उगाही कर रहे 10 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। यह पहली बार है जब काल भैरव मंदिर में इतनी बड़ी संख्या में दलालों पर एक साथ कार्रवाई हुई है।
गिरफ्तार लोगों में सोनू कन्नौजिया, रुद्र उर्फ विवेक, संतोष कुमार, साहिल मिश्रा, रंजीत, अभिषेक यादव, विपिन शर्मा, रोशन ठाकुर, हर्ष सिंह और चंद्रलोकीनाथ शामिल हैं। इनमें से कई लोग खुद को सेवादार बताकर श्रद्धालुओं को भ्रमित करते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मंदिरों (Varanasi) के आसपास पूजा सामग्री भी बेचते थे और मौका मिलने पर दर्शन कराने के नाम पर रुपये ऐंठ लेते थे। पुलिस ने मंदिरों में तैनात कुछ सेवादारों के संदिग्ध रोल की जांच भी शुरू कर दी है। महंत परिवार के कुछ सदस्यों और सेवादारों को कोतवाली बुलाकर पूछताछ की गई है।

