Varanasi: शहर के चाँदमारी क्षेत्र स्थित लोढ़ान के एक स्कूल परिसर में रविवार को विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व हिंदू सम्मेलन के महामंत्री सर्वेश सिंह ‘सोनू’ ने किया। सम्मेलन का मुख्य संदेश “गर्व से कहो हम हिंदू हैं” रहा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में परमहंस जगतगुरु अड़गड़ानन्द जी महाराज के परम शिष्य स्वामी नारद जी महाराज उपस्थित रहे। स्वामी नारद जी महाराज डमरू वादन के साथ कार्यक्रम में पधारे। चारों-ओर डमरुओं की गूंज और सनातन संस्कृति की ओर प्रेरित करता यह सम्मलेन, दृश्य ऐसा रहा कि मानो पूरा वातावरण सनातनी रंग में रंग गया।


पूर्वांचल के 20 जिलों से आए लोग
सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। पुर्चांचल के 20 जिलों से आए लोगों ने एक साथ हम हिंदू एक है का संकल्प लिया। वहीं इस हिंदू सम्मलेन (Varanasi) के महामंत्री सर्वेश सिंह ‘सोनू’ ने मुख्य अथिति स्वामी नारद जी महाराज का अंगवस्त्रम, माल्यापर्ण व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत व सम्मान किया। इस दौरान सभी लोगों ने भारत माता की जय के जमकर नारे लगाये और एक-दूसरे को सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने और उससे जुड़े रहने के लिए प्रेरित भी किया।

हम सभी हिंदू भईयों को होना होगा एक
इस मौके पर महामंत्री सर्वेश सिंह ‘सोनू’ ने कहा कि इस हिंदू सम्मलेन की आवश्यता आज इसीलिए हैं क्योंकि जिस प्रकार से हिन्दुओं के ऊपर अत्याचार किए जा रहे हैं, उन्हें जलाया जा रहा है। तो अगर आज हम सभी हिन्हू भाई एक नहीं होंगे तो हमलोग देखते ही रह जाएंगे और ऐसे ही सैकड़ों हिंदू जलाए जाएंगे।

Varanasi: यह सम्मलेन पुरे विश्व में देगा संदेश
उन्होंने आगे कहा कि हिन्दुओं को जाट-पात से ऊपर उठाना होगा। लोगों को यह सोचना होगा कि हम हिंदू है। इसीलिए इस कार्यक्रम (Varanasi) का आयोजन किया गया है। यहाँ आज नारद जी महाराज और पूर्वांचल के 20 जिलों से लोग इकठ्ठा हुए है। यह कार्यक्रम सिर्फ भारत ही नहीं, पुरे विश्व को संदेश देगा कि हिंदू एकता अब जाग गई है।

उन्होंने लोगों से अपील की है कि हमें जात-पात से ऊपर उठना होगा और यह कहना है कि हम सभी भाई हिंदू है और गर्व से कहें कि हम हिंदू है।

आयोजन समाज के लिए सकारात्मक संदेश
कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में स्वामी नारद जी महाराज ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज के लिए सकारात्मक संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और परंपरा ऋषि-महर्षियों की देन है और हिंदू दर्शन भारतीय जीवन मूल्यों की आत्मा है। भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने में हिंदू सम्मलेन (Varanasi) की भूमिका सराहनीय रही है और ऐसे आयोजनों का निरंतर होना आवश्यक है।

स्वामी नारद जी महाराज ने संस्थान के महामंत्री सर्वेश सिंह सोनू के कार्यों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने और लोगों को उसके मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे प्रयास देशभर में होने चाहिए।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों से जुड़े सवाल पर स्वामी नारद जी महाराज ने कहा कि यह एक राजनीतिक विषय है, जिस पर उन्हें विस्तृत जानकारी नहीं है, इसलिए वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
आयोजन के दौरान वक्ताओं ने हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक चेतना और परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया। सम्मेलन (Varanasi) का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना और सनातन मूल्यों के प्रति लोगों को प्रेरित करना बताया गया।

