Varanasi: इस वक़्त पूरा देश क्रिसमस के रंगों में सराबोर नजर आ रहा है। चारों-ओर मेरी क्रिसमस की धुन और इस पर्व के लिए लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं वाराणसी में क्रिसमस के पर्व की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शहर के सभी चर्च को बेहद आकर्षण ढंग से सजाया जा रहा है। इसी कड़ी में शहर के नदेसर स्थित सेंट मैरी कैथेड्रल में भी क्रिसमस की तैयारियां जोरों-शोरों से की जा रही है। रंग-बिरंगे झालरों, आकर्षण फूलों और लाइटो से चर्च को सुसज्जित किए जा रहे हैं।


Varanasi: विषभ यूजीन जोसेफ ने दी जानकारी
वहीं इस पर्व पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देने के लिए रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें विषभ यूजीन जोसेफ ने सभी जानकारियां साझा की। उन्होंने बताया कि प्रभु यीशु मसीह का जन्म इस बात की याद दिलाता है कि ईश्वर हर मनुष्य के निकट हैं, विशेष रूप से उन लोगों के जो कमजोर, उपेक्षित और संघर्षरत हैं।


उन्होंने आगे कहा कि वाराणसी (Varanasi) में मुख्य क्रिसमस नाइट मिस्सा 24 दिसंबर 2025 को रात 10:30 बजे सेंट मैरी कैथेड्रल में आयोजित की जाएगी, जिसमें देश और पवित्र काशी नगरी में शांति, न्याय और सद्भाव के लिए विशेष प्रार्थनाएं की जाएंगी।

विषभ यूजीन जोसेफ ने कहा कि वाराणसी की कलीसिया विश्व भर के ईसाई समुदाय के साथ मिलकर प्रार्थना, सादगी और जिम्मेदारी के साथ क्रिसमस की तैयारी कर रही है। गिरजाघरों में पालना (नैटिविटी सीन) सजाए जा रहे हैं और दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया जाएगा।

क्रिसमस पर होंगे विशेष कार्यक्रम
उन्होंने आगे यह भी बताया कि 25, 26 और 27 दिसम्बर को आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों का क्रम एक सप्ताह तक चलेगा। अंत में इन कार्यक्रम की कड़ी में पूर्वांचल के दिव्यांगजनों के साथ एक विशेष कार्यक्रम 2 जनवरी 2025 को सेंट जॉन स्कूल, बीएलडब्ल्यू (Varanasi) में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन समाज के उन वर्गों के लिए ईश्वर की दया, सांत्वना और सम्मान का संदेश होगा, जिन्हें अक्सर ‘सबसे कम’ समझा जाता है।


विषभ ने कहा कि चर्च में क्रिसमस के पर्व पर विशेष तौर पर बच्चों के लिए विभिन्न एक्टिविटी रखी गई है, जैसे कि पपेट शो, मैजिक शो, डांस और भी बहुत कुछ। इसके अलावा आइसक्रीम, चॉकलेट और केक की भी व्यवस्था रहेगी।


उन्होंने कहा कि यह पवित्र पर्व वाराणसी (Varanasi) सहित सभी लोगों को उदासीनता से ऊपर उठने, घृणा को ठुकराने और विभिन्न धर्मों व समुदायों के बीच करुणा, संवाद और मेलजोल को मजबूत करने का आमंत्रण देता है।

