पुणे नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इस नगर निगम चुनाव को जेल में बंद दो महिलाओं ने जीत लिया है। दोनों महिलाएं के आपराधिक पृष्ठभूमि के बावजूद मतदाताओं ने उन पर भरोसा जताया, जिससे आंदेकर परिवार की राजनीतिक विरासत मजबूत हुई। हांलाकि नगर निकाय चुनाव (Maharashtra) आमतौर पर स्थानीय मुद्दों तक ही सिमित रहती है लेकिन इस बार ये राज्य स्तर राजनीतिक और नैतिक सवाल खड़े कर दिये हैं। लक्ष्मी उदयकांत आंदेकर (60) और सोनाली वनराज आंदेकर (35) ये दोनों हत्या केर मामले में जेल में बंद है।
Maharashtra: सम्पति विवाद में किया था हत्या
वार्ड नंबर 23 से जेल में बंद NCP (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) की दो महिला उम्मीदवारों की जीत ने सभी दलों और मतदाताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ये महिलाएं कुख्यात गैंगस्टर सूर्यकांत उर्फ बंडू आंदेकर (Maharashtra) के परिवार का ही हिस्सा हैं। सोनाली, बंडू आंदेकर की बहू है और के NCP पूर्व नगरसेवक (Maharashtra) वनराज आंदेकर की पत्नी है। हांलाकि ये किसी सम्पति विवाद में हत्या करने के बाद जेल में बंद हैं।
हत्या का मामला
2025 में, गणेश कोमकर के 19 वर्षीय बेटे (सोनाली अंडेकर के पोते) आयुष कोमकर की हत्या कर दी गई। आयुष कोमकर हत्या मामले में बंदू अंदेकर, उनके बेटे कृष्णा अंदेकर, सोनाली अंदेकर, लक्ष्मी अंदेकर और अन्य को गिरफ्तार किया गया था। इसके बावजूद एनसीपी ने वार्ड से दो महिला उम्मीदवारों को टिकट की पेशकश की। सोनाली आंदेकर ने शिवसेना नेता रविंद्र धांगेकर की पत्नी प्रतिभा धांगेकर को पराजित किया। इसी वार्ड से लक्ष्मी आंदेकर ने भी जीत दर्ज की है, लक्ष्मी अंडेकर ने भाजपा उम्मीदवार ऋतुजा गडाले को मामूली अंतर से हराया। जिससे आंदेकर गुट की स्थिति और मजबूत हो गई है।

