Varanasi: दालमंडी में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की ओर से एक साथ छह मकानों को चिन्हित करके उनका ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। चौक थाना क्षेत्र की दालमंडी की गलियों में लगातार दूसरे दिन भी हथौड़े की गूंज सुने देने लगी। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत मंगलवार को प्रशासन का बुलडोज़र गरजा। सरकार की योजना के अनुसार दालमंडी गली को 17.05 मीटर चौड़ा किया जाना है, जिसकी जद में कुल 187 मकान आ रहे हैं। इनमें से अब तक 7 मकानों को पूरी तरह जमींदोज किया जा चुका है।


इसी कड़ी में प्रशासन की ओर से छह और मकानों को खाली कराने की मुनादी कराई गई, जिसके बाद उन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। सबसे पहले मकान संख्या सीके 43/172 पर मजदूरों को चढ़ाया गया और तोड़फोड़ शुरू की गई।


Varanasi: मौके पर तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के चलते मौके पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार अनाउंसमेंट करके लोगों को सतर्क किया जा रहा था। वहीं दोनों ओर बरिकेडिंग करके आवागमन रोक दिया गया। साथ ही आस-पास की दुकानों (Varanasi) को भी बंद करा दिया गया ताकि किसी भी प्रकार की कोई घटना न घटित होने पाए। मौके पर डीआईजी शिवहरि मीणा, डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, डीसीपी क्राइम टी सरवणन, एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी, एडीएम सिटी आलोक वर्मा सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।

लगातार दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी
बताते चलें कि दालमंडी क्षेत्र (Varanasi) में लगातार दूसरे दिन चल रही इस कार्रवाई के दौरान सबसे पहले मकान संख्या सीके 43/172 को निशाना बनाया गया। पीडब्ल्यूडी और पुलिस अधिकारियों ने मकान खाली करने के निर्देश दिए। मकान मालिक की ओर से वक्फ ट्रिब्यूनल में मामला लंबित होने की बात कही गई, लेकिन प्रशासन ने दलील नहीं मानी और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। इस मकान को गिराने में करीब 12 कर्मचारी लगाए गए हैं।

इसके बाद मकान संख्या सीके 43/141 पर कार्रवाई शुरू की गई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब दस मजदूरों ने तोड़फोड़ का कार्य आरंभ किया। बताया गया कि यह मकान हाल ही में इसकी मालकिन उम्मे सलमा द्वारा रजिस्ट्री कराया गया था। कार्रवाई से पहले मकान को खाली करा लिया गया था।


कुछ ही देर बाद तीसरे मकान संख्या सीके 69/25 पर भी पीडब्ल्यूडी की टीम ने ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया। मकान मालिक ने एडीएम सिटी से बातचीत कर रजिस्ट्री न होने की बात कही, लेकिन प्रशासन (Varanasi) का कहना था कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बाद करीब दस मजदूरों को लगाकर मकान गिराने का काम शुरू कर दिया गया। इसी तरह अन्य मकानों पर भी यह कार्रवाई जारी रखी गई।

