Varanasi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की कानूनी चुनौतियां एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। वाराणसी की विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुर्वेद विक्रम सिंह की अदालत ने राहुल गांधी को नोटिस जारी करते हुए 29 जनवरी को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और बयान दर्ज कराने का आदेश दिया है।
Varanasi: देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को पहुंचा नुकसान
यह मामला एक वादी द्वारा दायर निगरानी वाद से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी पर अमेरिका यात्रा के दौरान भारत को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। वादी का कहना है कि राहुल गांधी ने अपने बयान में भारत में सिख समुदाय को स्वतंत्रता न होने की बात कही थी, जिससे देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा और सामाजिक सौहार्द (Varanasi) प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई।
वादी के अनुसार, इस तरह के बयान देश के भीतर अशांति और गृह युद्ध जैसे हालात को जन्म दे सकते हैं। इसी आधार पर न्यायालय में निगरानी वाद दायर किया गया है, जिस पर अब विशेष एमपी-एमएलए अदालत (Varanasi) में सुनवाई चल रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) एमपी-एमएलए की अदालत (Varanasi) ने 17 अक्टूबर 2025 को वादी की याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद वादी ने उक्त आदेश को चुनौती देते हुए उच्च अदालत में निगरानी वाद दाखिल किया, जिस पर अब सुनवाई हो रही है।
पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था। उसी के अनुपालन में राहुल गांधी को विधिवत नोटिस भेजा गया है। अदालत ने साफ किया है कि अगली सुनवाई की तिथि 29 जनवरी निर्धारित है, जिस दिन राहुल गांधी का बयान दर्ज किया जाएगा।

