Varanasi:हरहुआ विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सभा दासेपुर में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से शुद्ध पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना को कागजों में पूरा दिखा दिया गया है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि गांव के लगभग 50 घरों तक आज भी नल से पानी नहीं पहुंच सका है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने अधूरा कार्य छोड़कर योजना को पूर्ण दर्शाते हुए साइट पर साइन बोर्ड (Varanasi) लगा दिया। कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने के लिए लाई गई पाइपें आज भी सड़क किनारे पड़ी हुई हैं, जिन्हें जमीन में डाला ही नहीं गया। इसके बावजूद कार्य पूर्ण होने का दावा किया जा रहा है।

Varanasi: जानिए कितनी है योजना की कुल लागत
योजना स्थल पर लगे बोर्ड के अनुसार, कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), वाराणसी है, जबकि निर्माण एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (जल एंड टी) बताई गई है। योजना (Varanasi) की कुल लागत 339.68 लाख रुपये दर्शाई गई है। कार्य प्रारंभ की तिथि 17 सितंबर 2022 और कार्य पूर्ण की तिथि 16 जून 2024 अंकित है। बोर्ड पर दो गांवों को लाभान्वित बताते हुए 3650 की जनसंख्या, 730 गृह जल कनेक्शन, 16,978 मीटर पाइपलाइन, 225 किलोलीटर क्षमता और 16 मीटर ऊंची टंकी का उल्लेख किया गया है।

स्थानीय निवासी मुनक्का देवी, बबुआ प्रसाद, ज्ञानेश्वर प्रसाद और गजेंद्र प्रसाद ने बताया कि वे जल जीवन मिशन की टंकी के बिल्कुल पास रहते हैं, फिर भी उनके घरों में आज तक पानी का कनेक्शन नहीं दिया गया। ठेकेदार की ओर से जल्द कनेक्शन देने का आश्वासन जरूर मिला था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों (Varanasi) का कहना है कि कार्य के दौरान करीब एक सप्ताह तक कुछ घरों में पानी की आपूर्ति हुई, उसके बाद सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई।

ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जल जीवन मिशन परिसर का गेट बेहद छोटा है, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से अंदर घुस सकता है। पैनल और मोटर चोरी होने की आशंका बनी हुई है। न तो परिसर (Varanasi) का रंग-रोगन हुआ है और न ही कोई सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, लेकिन बोर्ड पर पूरे गांव में जलापूर्ति का दावा किया गया है।

इस संबंध में ग्राम प्रधान सोनू प्रसाद ने बताया कि ठेकेदार आधा-अधूरा कार्य कर गायब हो गया है। फोन पर संपर्क करने पर ठेकेदार ने भुगतान न मिलने का हवाला देते हुए काम बंद करने की बात कही है। ग्रामीणों (Varanasi) ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अधूरे कार्य को जल्द पूरा कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

