वाराणसी से BJP को लेकर बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है, जहां उत्तर प्रदेश की राजनीति में वर्चस्व की लड़ाई अब सार्वजनिक मंच पर नजर आने लगी है। कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर और अनिल राजभर के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान उस समय खुलकर सामने आ गई, जब महाराजा सुहेलदेव की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
BJP की अंदरूनी कलह आई सामने
कार्यक्रम में अनिल राजभर बतौर वक्ता मंच से संबोधन कर रहे थे, तभी ओपी राजभर के समर्थक कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी को देखकर अनिल राजभर भड़क उठे और मंच से ही अपने समर्थकों को ओपी राजभर समर्थकों (BJP) को बाहर निकालने के निर्देश देने लगे। इसी दौरान उन्होंने ओपी राजभर और उनके समर्थकों को लेकर आपत्तिजनक और तीखी टिप्पणी करते हुए मंच से इतना तक कह दिया कि जैसा चोर इसका नेता वैसे चोर इसके इसके समर्थक भी है। साथ ही उन्होंने मंच से ही गाली-गलौज भी किया जिसका वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।
मंच से दिए गए इन शब्दों का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस घटनाक्रम को राजभर समाज की राजनीति में नेतृत्व और प्रभाव को लेकर चल रही अंदरूनी वर्चस्व की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है, जिसने वाराणसी की सियासत में नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। कहीं न कहीं यह BJP के अंदरूनी कलह को भी दर्शाता है।

