Varanasi: चौकाघाट क्षेत्र में दशकों से संचालित मछली मंडी को प्रशासन ने कारवाई करते हुए हटवा दिया है. वही अब इस मंडी को शहर के मुख्य हिस्से शिवाला क्षेत्र (Varanasi) में शिफ्ट करने की योजना बनाई गयी है। मंदी हटाने से स्थानीय व्यापारियों में गहरी चिंता और नाराज़गी देखी जा रही है। इस फैसले को लेकर मंडी से जुड़े कारोबारी असमंजस और आक्रोश में हैं।

व्यापारियों की ओर से अधिवक्ता योगेंद्र सिंह ने बताया कि चौकाघाट (Varanasi) की यह मछली मंडी करीब 50 वर्षों से अधिक समय से यहां संचालित है और इससे लगभग 100 परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि शिवाला क्षेत्र शहर के बीचों-बीच स्थित है, जहां स्थानांतरण होने से 15 से 20 किलोमीटर दूर से आने वाले व्यापारियों और ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

Varanasi: मंडी को हटाने का मुख्य कारण सड़क पर लगने वाला जाम
वहीं प्रशासनिक (Varanasi) अधिकारियों का कहना है कि दुकानदारों को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। मंडी को हटाने का मुख्य कारण सड़क पर लगने वाला जाम और आसपास फैलने वाला प्रदूषण बताया जा रहा है, जिससे आमजन को आवागमन में कठिनाई होती है। व्यापारियों ने प्रशासन (Varanasi) को वैकल्पिक सुझाव देते हुए कहा है कि यदि जाम की समस्या है तो वे सड़क से हटकर पीछे उपलब्ध खाली जमीन पर अपनी दुकानें लगाने को तैयार हैं, लेकिन मंडी को शहर से दूर स्थानांतरित करना उनके लिए व्यवहारिक नहीं है।
व्यापारियों ने इस कार्रवाई को तानाशाही करार देते हुए कहा कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो सैकड़ों लोगों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। फिलहाल व्यापारी प्रशासन (Varanasi) से बातचीत के जरिए कोई मध्य मार्ग निकलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

