Varanasi: बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने SC-ST एक्ट के खिलाफ बड़ा और सख्त रुख अपनाते हुए 7 फरवरी से दिल्ली में आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। यह घोषणा उन्होंने रविवार शाम केदारघाट (Varanasi) स्थित विद्या मठ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात और आशीर्वाद लेने के बाद मीडिया से बातचीत में की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि 6 फरवरी तक केंद्र सरकार ने SC-ST एक्ट को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन आर-पार की लड़ाई का रूप लेगा।
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि शंकराचार्य से उनकी मुलाकात (Varanasi) किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा नहीं थी, बल्कि यह एक सामाजिक और वैचारिक संवाद था। उन्होंने बताया कि समाज में बढ़ती असमानता, कानूनों के दुरुपयोग और प्रशासनिक दबाव जैसे मुद्दों पर शंकराचार्य से विस्तार से चर्चा हुई। उनका कहना था कि काशी (Varanasi) से उनका भावनात्मक जुड़ाव है, क्योंकि उन्होंने आईआईटी बीएचयू से शिक्षा प्राप्त की है, इसलिए यहां आकर अपनी बात रखना उनके लिए महत्वपूर्ण था।
पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने SC-ST एक्ट को देश का सबसे अधिक दुरुपयोग होने वाला कानून बताते हुए कहा कि इस कानून के तहत दर्ज अधिकांश मामलों में सच्चाई नहीं होती, लेकिन इसके बावजूद आम नागरिकों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक उत्पीड़न झेलना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के कारण समाज में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है, जो भविष्य में गंभीर सामाजिक तनाव का कारण बन सकता है।
Varanasi: सरकार की नीतियों पर सवाल
अलंकार अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी राज्य सरकार से नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के दबाव में राज्य प्रशासन काम कर रहा है और कई मामलों में निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए रेगुलेशन पर रोक लगना इस बात का संकेत है कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 6 फरवरी आखिरी तारीख है।
अगर इस अवधि में SC-ST एक्ट को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 7 फरवरी से दिल्ली में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन में देशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
गौरतलब है कि प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के स्नान से जुड़े विवाद के बाद पद से इस्तीफा देने के बाद से अलंकार अग्निहोत्री लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों का अपमान होते देखा, तो पद पर बने रहना उनके लिए संभव नहीं था। अब उनके इस नए एलान के बाद एक बार फिर सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, और सबकी नजरें आने वाले दिनों में होने वाले आंदोलन पर टिकी हुई हैं।

