Mirzapur: सिरसी डूब की जमीन पर हेराफेरी का मामला प्रकाश में आने पर मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस आम जनता के दर्द और आंसुओं के आक्रोश का गवाह तब बन गया जब जीवित महिला को मृत दिखाकर उसके पिता की संपत्ति (Mirzapur) को हड़प लिया गया। सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता उजागर होती होते ही एडीओ पंचायत पटेहरा की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर एसडीएम के नेतृत्व में जांच के लिए टीम गठित की गई।
सनसनीखेज मामला करौदा गांव निवासी सुमन देवी को जब अभिलेखों में मृत दिखाए जाने का मामला सामने आया तो जिलाधिकारी (Mirzapur) पवन कुमार गंगवार ने एडीओ पंचायत पटेहरा धर्मेंद्र कुमार दुबे को कड़ी फटकार लगाई।
पीड़ित महिला ने कहा साहब, मैं ज़िंदा हूँ… फिर भी काग़ज़ों में मुझे मार दिया गया। इस गंभीर प्रकरण की जांच परियोजना निदेशक को सौंपी गई और जिलाधिकारी (Mirzapur) ने स्पष्ट कहा कि दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
दूसरा मामला सिरसी डूब क्षेत्र से आई शिकायतों ने प्रशासन को झकझोर दिया। आरोप लगाया गया कि गरीब और असहाय लोगों से धन उगाही कर उन्हें उजाड़ा जा रहा है। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मौके पर ही जिलेदार को निलंबित करने की बात कही और संबंधित एसडीओ को भी कड़ी फटकार लगाई। मामले की विस्तृत जांच अधिशासी अभियंता और एसडीएम अनेग सिंह को सौंपी गई।
Mirzapur: भूमि पैमाइश में घूसखोरी का आरोप
पड़रिया निवासी वासुदेव ने रोते हुए आरोप लगाया कि कानूनगो द्वारा बार-बार फर्जी रिपोर्ट लगाई जा रही है। तहसील दिवस में कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद पैमाइश नहीं की जा रही। पीड़ित ने आरोप लगाया कि सुविधा शुल्क ले लिया गया फिर भी झूठी रिपोर्ट लगा दी गई।
इस पर जिलाधिकारी (Mirzapur) ने राजस्व विभाग को कड़ी फटकार लगाते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 72 प्रकरण आए, जिनमें से 7 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। अधिकांश मामले भूमि पैमाइश और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़े रहे। इस दौरान जिलाधिकारी (Mirzapur) पवन कुमार गंगवार, एसडीएम अनेग सिंह, तहसीलदार आशीष पांडेय, नायब तहसीलदार राहुल मिश्रा, इंस्पेक्टर बालमुकुंद मिश्रा सहित अनेक अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

