Varanasi: शहर के राजनितिक गलियारों में इस वक़्त बेहद हलचल मची है। शहर के ज्वलंत मुद्दों को लेकर रविवार को कांग्रेस की संविधान संवाद रैली का आयोजन किया गया। शास्त्री घाट पर आयोजित किए गए इस रैली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, सांसद इमरान मसूद, सांसद किशोरी लाल समेत कई वरिष्ठ नेता और हजारों की संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए।

मंचासीन सभी नेताओं ने एक-दूसरे का हाथ थामकर कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता का संदेश दिया और सभी कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।

Varanasi: 15 मिनट की दिखाई गई डॉक्यूमेंट्री
इस रैली में सबसे पहले लगभग 15 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसमें बनारस में हो रहे विकास कार्यों पर सवाल उठाए गए और सनातन विरासत से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया। वहीं कांग्रेस नेताओं ने वरुणा और गंगा की सफाई, शहर में बढ़ते जाम, अतिक्रमण, सीवर जाम और गिरते जनजीवन स्तर जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। इतना ही नहीं अन्य जिलों के सासंदों ने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के साथ मिलकर वरुण नदी (Varanasi) की पूजा-अर्चना की, दीपक जलाया और स्वच्छता का संकल्प किया।

Varanasi: शहर की अस्मिता बचाने के लिए हुई रैली
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह रैली केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि काशी की अस्मिता, संस्कृति और संविधान की रक्षा के लिए आयोजित की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में विकास के नाम पर काशी (Varanasi) की आत्मा से खिलवाड़ किया गया। मणिकर्णिका घाट की अव्यवस्थाएं, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुआ व्यवहार, मनरेगा में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दे सरकार की विफलताओं को उजागर करते हैं।

राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी हुंकार भरते हुए कहा कि पिछले कई महीने से नरेंद्र मोदी पर जो संकट के बादल छाए हुए हैं वह काशी (Varanasi) की देन है, मणिकर्णिका की देन है। वो उन लाशों की देन है जो मां गंगा के आंचल में बह रही थीं। मां गंगा के आंसू बह रहे थे। लेकिन नरेंद्र मोदी जी को नहीं दिख रहे थे। ये श्राप यहीं से जा रहा है। जिसने काशी को धोखा दिया, वो मुझे और आपको क्या छोड़ेगा। जो मां गंगा के नाम से यहां आया, उसने मां गंगा को धोखा दिया। वो मुझे और आपको क्या मानेगा।

जनता अपने वोट से बीजेपी को देगी जवाब
वहीं रैली में शामिल हुई कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी लोगों को संबोधित किए. उन्होंने कहा कि काशी कोई साधारण शहर नहीं बल्कि वेदों, पुराणों और सनातन परंपराओं में वर्णित जीवंत सभ्यता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब काशी (Varanasi) के सांसद और सूबे की सरकार द्वारा मूर्तियों को खंडित कराया जाता है तो यह केवल पत्थरों को तोड़ना नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति पर हमला है। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि काशी शिव, भक्ति और संस्कार की नगरी है और यहां की जनता अपने वोट से ऐसे लोगों को जवाब देगी। उन्होंने 2024 के चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए काशी की जनता का आभार भी जताया।

सांसद इमरान मसूद ने कहा कि जिस प्रधानमंत्री की सुरक्षा संसद के भीतर ही सवालों के घेरे में आ जाए, उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नए कानूनों के जरिए जनता के अधिकारों को कुचलने की कोशिश की जा रही है और इसका जवाब केवल लोकतांत्रिक तरीके से वोट के माध्यम से दिया जा सकता है।

प्रयागराज के सांसद उज्जवल रमण सिंह ने काशी को क्रांतिकारी धरती (Varanasi) बताते हुए कहा कि मां अहिल्याबाई के कथित अपमान को देश का अपमान मानते हुए इसके खिलाफ संघर्ष जरूरी है। मां अहिल्याबाई का अपमान करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाना पड़ेगा।

अमेठी सांसद किशोरी रमण बोले- काशी की जनता का चुना हुआ एमपी हमारे बीच यहां बैठा है, जबकि काशी का एमपी लोकसभा में बैठा है। इसमें काशी की जनता से कोई शिकायत नहीं है। ये जो एमपी बना है जो देश का पीएम बना है वो सत्ता-शासन द्वारा बना हुआ एमपी है। काशी की जनता द्वारा नहीं बनाया गया। मैं 40 साल से अमेठी में काम कर रहा था। लेकिन मैं लड़ना नहीं चाहता था। पर गांधी परिवार का एक ही आदेश था कि आप लड़ो, आपके साथ हम लोग खड़े हैं।


बताते चलें कि इस संविधान संवाद रैली में वाराणसी सहित गाजीपुर, प्रयागराज और पूर्वांचल के कई जिलों से बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता पहुंचे। नेताओं ने साफ कहा कि काशी (Varanasi) की पहचान, आस्था और संवैधानिक मूल्यों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और इसके लिए कांग्रेस हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

