काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर नई कवायद शुरू कर दी गई है। यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ढांचे को और ज्यादा सहज और सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। इसके तहत BHU के विभिन्न विभागों में तमाम पदों पर नियुक्तियां होनी है। ये पद ख़ास तौर पर विभागों में वार्डन तथा प्रभारी अधिकारी (पीआईसी) के बताये जा रहे हैं। कुलपति प्रो। अजीत चतुर्वेदी ने सभी संस्थाओं के निदेशकों को इसके संबंध में उच्च स्तरीय नामांकन समिति गठित करने और योग्य संकाय सदस्यों के नाम प्रस्तावित करने के निर्देश दिए हैं।
चार प्रमुख श्रेणियों के अंतगर्त होगी प्रक्रिया
इन नियुक्तियों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार प्रमुख श्रेणियों के अंतर्गत प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिसमें मुख्य वार्डन एवं अतिथि गृहों के वार्डन, प्रभारी अधिकारी एलुमनाई अफेयर्स, प्रभारी अधिकारी शोध एवं औद्योगिक परामर्श सेल तथा प्रभारी अधिकारी संपदा शामिल हैं।
मुख्य वार्डन और गेस्ट हाउस वार्डन को विश्वविद्यालय के छात्रावासों एवं अतिथि गृहों के समुचित प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वहीं एलुमनाई अफेयर्स के प्रभारी अधिकारी को पूर्व छात्रों के साथ समन्वय स्थापित करने और विश्वविद्यालय से उनके संबंध मजबूत करने का दायित्व दिया जाएगा।
शोध एवं औद्योगिक परामर्श सेल के प्रभारी को अनुसंधान गतिविधियों और उद्योग जगत से तालमेल बढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी होगी, जबकि संपदा प्रभारी को विश्वविद्यालय (BHU) की परिसंपत्तियों के प्रबंधन का दायित्व सौंपा जाएगा।
BHU प्रबंधन को किया जायेगा सुदृढ़
विश्वविद्यालय प्रशासन (BHU) ने संस्थान की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चार प्रमुख श्रेणियों में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन नियुक्तियों के माध्यम से छात्रावास, अतिथि गृह, पूर्व छात्र संपर्क, शोध गतिविधियों और परिसंपत्ति प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाएगा।
मुख्य वार्डन एवं अतिथि गृहों के वार्डन को विश्वविद्यालय के सभी छात्रावासों और गेस्ट हाउसों के सुचारु संचालन, अनुशासन और प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रभारी अधिकारी, एलुमनाई अफेयर्स को विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों के साथ समन्वय स्थापित करने और उनके साथ संस्थान के संबंधों को और मजबूत करने का दायित्व दिया जाएगा।
अनुसंधान गतिविधियों को देगा गति
शोध एवं औद्योगिक परामर्श सेल के प्रभारी अधिकारी विश्वविद्यालय की अनुसंधान गतिविधियों को गति देने और उद्योग जगत के साथ तालमेल बढ़ाने की भूमिका निभाएंगे। संपदा प्रभारी अधिकारी को विश्वविद्यालय (BHU) की अचल एवं चल संपत्तियों के संरक्षण, रखरखाव और प्रभावी प्रबंधन की जिम्मेदारी दी जाएगी।
वहीं एक नामांकन समिति के द्वारा इन तमाम पदों के लिए संस्थान स्तर पर नामों की सिफारिश की जाएगी। इसके अध्यक्ष संबंधित संस्थान के निदेशक ही होंगे। वहीं डीन और सीनियर प्रोफ़ेसर एक सदस्य के तौर पर शामिल होंगे।
प्रशासन (BHU) द्वारा यह साफ़ तौर पर कहा गया है कि सभी पदों के लिए अलग-अलग पैनल बनाया जायेगा और एक पद के लिए उपयुक्त व्यक्ति दूसरे पद के लिए अनिवार्य रूप से उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है। हर पद के लिए अधिकतम तीन नामों का पैनल बनाकर भेजना होगा।
आगामी 21 फरवरी तक निदेशकों को अपनी-अपनी सिफारिशें सीलबंद लिफाफे में करके प्रशासन को सुपुर्द करना होगा। यह निर्देश विशेष रूप से चिकित्सा विज्ञान संस्थान, इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान के निदेशकों को दिया गया है।

