जनपद स्तरीय परीक्षा पे चर्चा–2026 कार्यक्रम का आयोजन वाराणसी (Varanasi) पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने प्रतिभाग किया और छात्र-छात्राओं से संवाद कर परीक्षा से जुड़े उनके प्रश्नों का उत्तर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर छात्राओं (Varanasi) द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा। कार्यक्रम में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल भी उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
परीक्षा के दौरान तनाव सामान्य, समाधान भी मौजूद
जिलाधिकारी ने छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि परीक्षा के समय तनाव, घबराहट और अवसाद जैसी समस्याएं होना सामान्य है, लेकिन सही दिनचर्या और सकारात्मक सोच से इन पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में सफलता के लिए निरंतर रिवीजन, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद अत्यंत आवश्यक है।

Varanasi: टाइम-टेबल और कॉन्सेप्ट पर दें ध्यान
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि परीक्षा के दबाव से बचने के लिए समय-सारिणी के अनुसार छोटे-छोटे सत्रों में अध्ययन करें। रटने के बजाय विषयों के कॉन्सेप्ट को समझने पर विशेष ध्यान दें। प्रश्नपत्र को ध्यानपूर्वक पढ़ें और पहले आसान प्रश्नों को हल करें, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है।
अनुशासन और निरंतरता से मिलती है सफलता
जिलाधिकारी (Varanasi) ने कहा कि जो छात्र अनुशासन के साथ नियमित रूप से अध्ययन करते हैं और अपने दैनिक कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करते हैं, वे तनाव जैसी समस्याओं से काफी हद तक बच सकते हैं। पढ़ाई में निरंतरता बेहद जरूरी है। अपने ऊपर विश्वास रखें और ईमानदारी से मेहनत करें, सफलता अवश्य मिलेगी।

संघर्ष की कहानी से छात्रों को किया प्रेरित
डीएम (Varanasi) सत्येंद्र कुमार ने अपने विद्यालय जीवन और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान आए संघर्षों को साझा करते हुए छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने पिछले तीन-चार वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने, कक्षा और कोचिंग में पढ़ाए गए विषयों का पुनरावलोकन करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के पास अपने भविष्य के निर्माण का एक सुनहरा अवसर है, जबकि देश में कई बच्चे इस अवसर से वंचित हैं। उदाहरणों के माध्यम (Varanasi) से उन्होंने समय और अवसर के महत्व को समझाया और छात्रों से तनाव से दूर रहकर समय का सही उपयोग करने की अपील की।

