वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Shankaracharya) के अधिवक्ता और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी को मोबाइल पर जान से मारने की धमकी मिली है। रात ढाई बजे आए इस मैसेज में साफ लिखा गया— “बनारस कचहरी को बम से उड़ा देंगे, तुम्हें भी।” इस धमकी ने न केवल अधिवक्ता को बल्कि पूरे न्यायिक तंत्र को हिला दिया है।
Shankaracharya के मामले से जुड़ा अधिवक्ता
गौरतलब है कि श्रीनाथ त्रिपाठी शंकराचार्य (Shankaracharya) पर दर्ज पाक्सो एक्ट मामले की पैरवी कर रहे हैं। ऐसे में धमकी का संदर्भ और भी गंभीर हो जाता है। उन्होंने इस मैसेज का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा किया है और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी है। त्रिपाठी ने बताया कि धमकी मिलने के बाद से वे और उनका परिवार गहरी चिंता में हैं।
इस धमकी में केवल अधिवक्ता ही नहीं, बल्कि वाराणसी कचहरी को भी उड़ाने की बात कही गई है। पिछले 14 दिनों में यह चौथा मौका है जब कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इससे पहले मंगलवार को धमकी भरा ईमेल आया था, जिसके बाद जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया था। लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों (Shankaracharya) की नींद उड़ा दी है।
जांच एजेंसियां अलर्ट, पहचान की कोशिश
धमकी भरे मैसेज के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस और खुफिया विभाग मैसेज भेजने वाले की पहचान में जुटे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि धमकी किसी संगठित गिरोह की ओर से है या किसी व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा। लेकिन बार-बार मिल रही धमकियां न्यायिक व्यवस्था और अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
वाराणसी (Shankaracharya) की कचहरी और अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी को मिली धमकी केवल एक व्यक्ति या स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे न्यायिक तंत्र को चुनौती देने जैसा है। ऐसे हालात में सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे न केवल दोषियों तक पहुंचें बल्कि न्यायालय परिसर और अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

