SIR: चौबेपुर क्षेत्र के ग्राम सभा कौवापुर निवासी शिक्षामित्र सेख मुहम्मद असगर (47) की मंगलवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत के बाद गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्य की ड्यूटी में लगे होने के कारण उन्हें समय पर छुट्टी नहीं मिल सकी, जिससे उनका सही समय पर इलाज नहीं हो पाया।
परिजनों के अनुसार असगर प्राथमिक विद्यालय कौवापुर में शिक्षामित्र के पद पर तैनात थे। इन दिनों बीईओ कार्यालय की ओर से उनकी ड्यूटी एसआईआर (SIR) के तहत भाग संख्या 363, पंचायत भवन बहरामपुर में लगाई गई थी। इसी दौरान करीब दो सप्ताह पहले उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई, लेकिन ड्यूटी के दबाव के कारण वे लगातार काम करते रहे।
तबीयत बिगड़ने के बाद लिया अवकाश
बताया जा रहा है कि हालत ज्यादा खराब होने पर उन्होंने 24 और 25 फरवरी को अवकाश लिया, जिसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए। सबसे पहले कजाकपुरा स्थित न्यू सहारा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन तबीयत में सुधार न होने पर उन्हें पहड़िया के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया।
पीलिया से ग्रसित होने की पुष्टि
डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें पीलिया से ग्रसित बताया और इलाज शुरू किया, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए बीएचयू अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान मंगलवार देर रात उनकी मौत हो गई।
SIR पर उठ रहे सवाल
असगर की मौत की खबर मिलते ही कौवापुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार में पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं ग्रामीणों और परिचितों का कहना है कि अगर बीमारी के दौरान उन्हें समय पर छुट्टी मिल जाती तो शायद उनका इलाज पहले शुरू हो जाता और उनकी जान बच सकती थी।

