काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने आत्महत्या करने की कोशिश कर ली। बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने इंसुलिन का भारी ओवरडोज ले लिया, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस घटना ने अस्पताल के माहौल को भी स्तब्ध कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, बिहार की रहने वाली सत्या सर्जरी विभाग (BHU) में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में तैनात हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले उनका किसी सीनियर डॉक्टर से विवाद हो गया था। इसी बात से वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थीं। कहा जा रहा है कि इसी तनाव में आकर उन्होंने यह खतरनाक कदम उठा लिया और इंसुलिन की भारी मात्रा ले ली।
सामने घाट स्थित कमरे में लिया ओवरडोज
सत्या लंका थाना क्षेत्र के सामने घाट इलाके में किराए के कमरे में रहती हैं। बताया गया कि उन्होंने करीब 100 यूनिट इंसुलिन का ओवरडोज ले लिया। इसके कुछ ही समय बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। जब साथियों को इसकी जानकारी हुई तो अन्य जूनियर डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने तत्काल इलाज शुरू किया।
BHU: वेंटिलेटर पर चल रहा इलाज, स्थिति नाजुक
सत्या को सर सुंदरलाल अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में भर्ती कराया गया है, जहां उन्हें वेंटिलेटर (BHU) सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है। फिलहाल उनका ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल सामान्य बनाए रखने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनकी हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
इंसुलिन ओवरडोज का शरीर पर असर
इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक इंसुलिन का अत्यधिक मात्रा में सेवन शरीर के लिए बेहद खतरनाक होता है। इसका सीधा असर किडनी पर पड़ सकता है और शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसी कारण शुक्रवार शाम को उनकी डायलिसिस भी कराई गई, ताकि शरीर पर पड़े असर को कम किया जा सके।
इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (BHU) के निदेशक प्रोफेसर एसएन शंखवार ने बताया कि सत्या के परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। उनके परिवार के सदस्य बिहार से वाराणसी के लिए रवाना हो चुके हैं। अस्पताल प्रशासन इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहा है और डॉक्टरों की टीम उनकी हालत को स्थिर करने की कोशिश में जुटी हुई है।

