AIIMS: हरीश राणा…एक ऐसा नाम जिसकी चर्चा आज चारो-ओर हो रही और हो भी क्यों ना? पिछले 13 सालों से जिन्दगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे इस शख्स को अब सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु दे दिया है। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित तमाम वीडियो वायरल भी वायरल हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब AIIMS में गाजियाबाद के हरीश राणा के मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस प्रक्रिया के तहत मंगलवार से हरीश को पानी देना बंद कर दिया जायेगा। ये कदम भी इसी इच्छामृत्यु के आदेश का एक हिस्सा है। अस्पताल प्रशासन के निर्णय के अनुसार, डॉक्टर धीरे-धीरे जीवन रक्षक सुविधाओं को हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।
AIIMS: डॉक्टरों ने की एक मेडिकल कमेटी की बैठक
बता दें कि एम्स हॉस्पिटल (AIIMS) में सोमवार को डॉक्टरों ने एक मेडिकल कमेटी की बैठक की। इस बैठक में हरीश राणा की स्थिति और निष्क्रिय इच्छामृत्यु की प्रक्रिया पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसके बाद हरीश को किसी भी तरह का ऑक्सीजन सपोर्ट ना देने का निर्णय लिया गया। हरीश को डॉक्टर अब तक एक ट्यूब के माध्यम से पोषण और पानी दे रहे थे लेकिन अब इसे भी बंद कर दिया गया है। ये तमाम प्रक्रियाएं तय मेडिकल और कानूनी प्रक्रिया के तहत किए जा रहे हैं।
डॉक्टरों ने यह फैसला किया है कि अब मंगलवार से हरीश को पानी भी नहीं दिया जायेगा। इसके बाद उनके शरीर में लगी पोषण और हाइड्रेशन की ट्यूब पर भी कैप लगा दी जाएगी। हालांकि ट्यूब को शरीर से हटाया नहीं जाएगा। हरीश लगातार एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम द्वारा मॉनिटर किए जा रहे हैं। उनकी नब्ज, सांस और दिल की धड़कन पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर एम्स अस्पताल प्रशासन ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 5 से 9 डॉक्टरों की एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम हरीश की लगातार निगरानी कर रही है। यह टीम सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार हर कदम उठा रही है।

