Varanasi: चौबेपुर क्षेत्र से गुजरने वाला नेशनल हाईवे-31 पूर्व में NH-29 इन दिनों भारी गड़बड़ी और कथित भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है। सड़क निर्माण से लेकर टोल वसूली तक गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे आम जनता में जबरदस्त नाराजगी है।सबसे पहले बात सड़क निर्माण की करें तो आरोप है कि पीएनसी इंफ्राटेक कंपनी द्वारा बनाई गई सड़क कुछ ही समय में जगह-जगह टूटने लगी। गारंटी अवधि में ही सड़क (Varanasi) की हालत खराब हो गई, लेकिन हर साल मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं। इससे पूरे निर्माण कार्य पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

टोल प्लाजा बना ‘कैश कलेक्शन सेंटर’
कैथी-रजवाड़ी टोल प्लाजा पर रात के समय हालात बद से बदतर हो जाते हैं। सैकड़ों ओवरलोड ट्रक लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं, जिससे पूरा हाईवे जाम हो जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टोल कर्मियों और ट्रक चालकों की मिलीभगत से बिना रसीद नकद वसूली कर गाड़ियों को पास कराया जाता है। इससे सरकार को हर महीने करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।टोल के आसपास सरकारी जमीन पर अवैध दुकानों का कब्जा हो चुका है। सड़क तक अतिक्रमण होने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
Varanasi: रातों-रात जनता का रास्ता गायब
सबसे चौंकाने वाला मामला रजवाड़ी रेलवे स्टेशन (Varanasi) से हवाई पट्टी होते हुए कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव मंदिर जाने वाले रास्ते का है। आरोप है कि करीब तीन महीने पहले आधी रात को जेसीबी लगाकर इस पुराने सार्वजनिक रास्ते को खोदकर पूरी तरह बंद कर दिया गया। इसके अलावा कोऑपरेटिव समिति के रास्ते पर भी बैरियर लगाकर आवागमन रोक दिया गया, जिससे एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों का संपर्क टूट गया है।
इस पूरे मामले को लेकर सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता राजवाड़ी गांव निवासी संजय कुमार सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत संख्या 149624/2026 को केंद्रीय सतर्कता आयोग ने संज्ञान में लेते हुए 4 अप्रैल 2026 को दर्ज किया और 15 अप्रैल 2026 को एनएचएआई के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) को जांच के लिए भेज दिया गया है।




