Varanasi: शहर के जैतपुरा थाना क्षेत्र स्थित बघवानाला इलाके में गुरुवार दोपहर एक बड़ी अग्निकांड की घटना सामने आई, जहां एक चिंगारी ने देखते ही देखते 20 झुग्गी-झोपड़ियों को राख में बदल दिया। मौर्या बस्ती में लगी इस आग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि किशनू और विसनू नामक दो भाइयों की जमीन पर बनी झुग्गियों (Varanasi) में अचानक आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि करीब 5 किलोमीटर दूर से धुएं का गुबार दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोग सहम गए।
प्लास्टिक और कबाड़ बना आग का कारण
इस बस्ती में रहने वाले अधिकांश लोग कूड़ा बीनने का काम करते हैं और झुग्गियों में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक व अन्य ज्वलनशील सामान रखा हुआ था। आग लगते ही इन सामग्रियों ने तेजी से लपटें पकड़ लीं, जिससे धुआं इतना घना हो गया कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
Varanasi: छात्रा ने दी पुलिस को सूचना
आग लगने के तुरंत बाद गाजीपुर की रहने वाली छात्रा खुशी खरवार, जो यहां किराये पर रहकर पढ़ाई करती हैं, ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस और फायर सर्विस (Varanasi) को फोन कर अपनी लोकेशन भेजी। सूचना मिलते ही राहत टीम मौके पर पहुंची। आग के दौरान झुग्गियों में रखे 10 से अधिक छोटे गैस सिलेंडरों में धमाके हुए, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग और ज्यादा घबरा गए और पूरा मोहल्ला खाली हो गया।
दो घंटे बाद पाया गया काबू
मौके पर पहुंची पुलिस और फायर सर्विस (Varanasi) की टीम ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, यहां रहने वाले अधिकांश परिवार पश्चिम बंगाल में मतदान के लिए गए हुए थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि शुरुआती तौर पर इसे एक चिंगारी से लगी आग माना जा रहा है। इस हादसे (Varanasi) ने एक बार फिर घनी बस्तियों में आग सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

