Bhadohi में सोमवार को उत्तर प्रदेश किसान सभा और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के संयुक्त आवाहन पर किसानों, मजदूरों और महिलाओं ने बिजली से जुड़ी समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन अधिशासी अभियंता, पूर्वांचल विद्युत वितरण खंड कार्यालय के समक्ष आयोजित हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों (Bhadohi) ने कहा कि वर्तमान समय में बिजली मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है और इसके बिना आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित होता है। उनका आरोप है कि बिजली के निजीकरण की नीति से गरीब और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और निजी कंपनियां मनमाने तरीके से वसूली करेंगी, जिससे किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी बुरी तरह प्रभावित होंगे।
Bhadohi: प्रदर्शनकारियों ने दिया 8 सूत्रीय मांगपत्र
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों (Bhadohi) ने 8 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया। इसमें प्रमुख रूप से बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने, प्रीपेड और पोस्टपेड स्मार्ट मीटर हटाने तथा जहां लगाए गए हैं वहां से उन्हें वापस लेने, 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने और मीटर रीडिंग के आधार पर सही बिल भेजने की मांग शामिल है। इसके अलावा उपभोक्ताओं (Bhadohi) पर दर्ज कथित झूठे मुकदमे वापस लेने, ठेकेदारी व संविदा व्यवस्था समाप्त करने, शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने तथा जले ट्रांसफॉर्मर और जर्जर तारों को तत्काल बदलने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शन (Bhadohi) में शामिल नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जिला मंत्री भान सिंह मौर्य, प्रदेश उपाध्यक्ष इन्द्रदेव पाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रशासन से जल्द समाधान की अपेक्षा जताई।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और महिलाएं शामिल रहीं। प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन से जनहित में त्वरित कदम उठाने की मांग की है।
