लखनऊ। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधरी ने बताया कि विभिन्न बाधाओं और चुनौतियों के बावजूद उत्तर रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में माल लदान, यात्री, पार्सल और अन्य कोचिंग आय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं । उत्तर रेलवे ने भारतीय रेल की सभी क्षेत्रीय रेलों को पीछे छोड़ते हुए यात्री, अन्य कोचिंग और पार्सल आय में पहला स्थान हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान यात्री और पार्सल सेगमेंट में उत्तर रेलवे का यह अब तक का ऐतिहासिक और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।
वित्त वर्ष 2021-2022 की तुलना में 2022-23 में उत्तर रेलवे की उपलब्धियॉ
65.05 एमटी की मूल माल ढुलाई हासिल कर 0.43% की वृद्धि के साथ 0.36 एमटी लक्ष्य का आंकड़ा पार किया ।
उर्वरक में 9.22% और अन्य वस्तु लोडिंग में 27.9% की प्रभावशाली वृद्धि के साथ उर्वरक में 7.93 एमटी और अन्य वस्तुओं में 7.37 एमटी लदान हासिल किया गया ।
1022 रेक की तुलना में 1646 आॅटो रेक लोड किए गए।
36 रेक की तुलना में फ्लाई ऐश में 358% वृद्धि दर्ज करते हुए 165 रेक (0.67 एमटी) फ्लाई ऐश का लदान किया गया।
48 रेक की तुलना में 77% की वृद्धि के साथ टिम्बर वेस्ट के 84 रेक लोड किए गए।
पीस मील यातायात में 8889 वैगनों का रिकॉर्ड लदान किया गया ।
110.84 एमटी के मुकाबले कार्गो अनलोडिंग में 22.84% की वृद्धि के साथ रिकॉर्ड 136.16 एमटी कार्गो अनलोडिंग की गई ।
58362 की तुलना में 69873 मिलियन के साथ एनटीकेएम में 19.72% की वृद्धि।
2721 लंबी दूरी की ट्रेन चलाने की तुलना में 185.34% की वृद्धि के साथ 7764 लंबी दूरी की ट्रेनें चलाईं गईं ।
यात्री और अन्य कोचिंग आय में नए रिकॉर्ड दर्ज किये गए
यात्री आय से 11043.49 करोड़ रुपये, अन्य कोचिंग आय से 1104.04 करोड़ रुपये और विविध आय से 471.81 करोड़ रुपये अर्जित किए गए।
10355.75 करोड़ रुपये की तुलना में 28.58% की वृद्धि के साथ 11294.62 करोड़ रुपये की विभाजित माल आय अर्जित की गई ।
sudha jaswal

