Ajay Rai: प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और मेला प्रशासन के बीच शुरू हुआ विवाद अब महज धार्मिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि सियासी अखाड़े में बदल गया है। समाजवादी पार्टी से लेकर कांग्रेस तक, विपक्षी दल इस विवाद को मोदी-योगी सरकार पर सीधा हमला करने के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने फोन पर बातचीत कर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अपना समर्थन दिया। अखिलेश का यह कदम साफ संकेत देता है कि विपक्ष इस विवाद को सनातन धर्म और धार्मिक स्वतंत्रता के सवाल से जोड़कर जनता के बीच ले जाना चाहता है।
Ajay Rai का माघ मेला दौरा
मंगलवार देर रात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) खुद माघ मेला क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने न केवल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया, बल्कि केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखे हमले भी किए। अजय राय ने कहा कि काशी में जब आंदोलन हुआ और गंगा की बात आई तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पूरे समर्पण से खड़े रहे, बावजूद इसके उनके साथ अत्याचार हुआ।
मोदी-योगी सरकार पर निशाना
अजय राय (Ajay Rai) ने आरोप लगाया कि सनातन धर्म का सबसे बड़ा अहित भाजपा सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ के दरबार के सैकड़ों मंदिर तोड़े गए और जहां भी अन्याय हुआ, वहां शंकराचार्य मजबूती से खड़े रहे। राय ने दावा किया कि देश का हर सनातनी और हिंदू आज भी शंकराचार्य के साथ चट्टान की तरह खड़ा है।
मणिकर्णिका घाट का विवाद
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष (Ajay Rai) ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने माता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियां और महादेव की सीढ़ियां तोड़ीं। जब विपक्ष ने यह मामला उठाया तो मुख्यमंत्री ने इसे एआई जेनरेटेड वीडियो बता कर झूठ बोला। राय ने मांग की कि अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियां उन्हें दी जाएं ताकि वह पुनः स्थापित कर सकें।
अजय राय ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने कफन पर टैक्स लगाया है और अब शवदाह पर भी टैक्स लेने की तैयारी है। उन्होंने (Ajay Rai) कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सनातन की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है और कांग्रेस उनके साथ हर कुर्बानी देने को तैयार है। राय ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने केवल शंकराचार्य को नहीं रोका बल्कि सनातनियों को स्नान करने से भी वंचित किया है, जो धर्म और आस्था का अपमान है।

