उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण विधायकों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच रॉबर्ट्सगंज से BJP विधायक भूपेश चौबे ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 56 ब्राह्मण विधायक हैं और सभी मजबूती से भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े हैं।
चौबे ने अखिलेश यादव द्वारा 100 विधायकों को लेकर दिए गए ऑफर को बचकाना बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र का मजाक है। उनका कहना था कि अगर किसी को भाजपा में आना है तो समाजवादी पार्टी समेत अखिलेश यादव भी भाजपा में आ सकते हैं और राष्ट्रवाद से जुड़ सकते हैं।
ऑफर देकर मुख्यमंत्री नहीं बनते
भूपेश चौबे (BJP) ने कहा कि लोकतंत्र में विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री जनता तय करती है, कोई नेता ऑफर देकर यह तय नहीं कर सकता कि कौन क्या बनेगा। इस तरह की बयानबाजी लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक उड़ाने जैसी है।
सभी वर्गों को BJP में मिलता है सम्मान
विधायक चौबे ने कहा कि BJPमें हर कार्यकर्ता और नेता को उसकी योग्यता और क्षमता के आधार पर अवसर मिलता है। उन्होंने बताया कि पार्टी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य जैसे नेताओं का मार्गदर्शन मिल रहा है, जिसके चलते सभी विधायक पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं।
ब्राह्मण समाज की बैठकों को राजनीति से न जोड़ें
ब्राह्मण विधायकों की बैठकों को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि समाज में परिवार, रिश्तेदारी और सामाजिक संवाद की परंपरा रही है। छोटे-छोटे समूहों में बैठकर सकारात्मक चर्चा करना सामान्य बात है और इसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
गेरुआ पर टिप्पणी संत समाज का अपमान
अखिलेश यादव द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (BJP) की वेशभूषा पर की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए चौबे ने कहा कि गेरुआ वस्त्र और संत परंपरा देश की संस्कृति और सनातन परंपरा का सम्मानित हिस्सा है। इस पर टिप्पणी करना पूरे संत समाज का अपमान है।
उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और जनकल्याण के कई बड़े काम हुए हैं और जनता का विश्वास भाजपा के साथ है। चौबे ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा तीसरी बार भी सरकार बनाएगी।

