उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले (Badaun) से मंगलवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। उझानी थाना क्षेत्र के गांव कुड़ा नरसिंहपुर स्थित एक मेंथा फैक्टरी के केबिन में तीन सुरक्षाकर्मियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। फैक्टरी परिसर देखते ही देखते लोगों से भर गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कुछ महीने पहले फैक्ट्री में लगी थी भीषण आग
यह वही फैक्टरी है, जो कुछ महीने पहले भीषण आग की चपेट में आ चुकी है और फिलहाल बैंक ऑफ बड़ौदा (Badaun) में बंधक बताई जा रही है। सुबह जब फैक्टरी के कर्मचारी रोज की तरह पहुंचे तो उन्होंने केबिन के अंदर जो देखा, उससे उनके होश उड़ गए। तीनों सुरक्षाकर्मी जमीन पर बेसुध पड़े थे और किसी में भी जान नहीं थी।
मृतकों की पहचान जोगेंद्र यादव (30) – पुत्र रामबहादुर, निवासी बसावनपुर, थाना मुजरिया, भानु यादव (26) – पुत्र श्रीपाल, निवासी मुड़सैना, थाना दातागंज और विवेक यादव – तीसरे सुरक्षाकर्मी के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही उझानी थाना पुलिस (Badaun) मौके पर पहुंची। थोड़ी ही देर में मृतकों के परिजन और ग्रामीण भी फैक्टरी पहुंच गए और जमकर हंगामा शुरू हो गया।
Badaun: सवालों में उलझी सुरक्षाकर्मियों की मौत
मृतक जोगेंद्र यादव के परिजनों ने इसे सीधी हत्या करार दिया है। उनका आरोप है कि तीनों को साजिश के तहत मारा गया है। वहीं पुलिस (Badaun) की शुरुआती जांच कुछ और कहानी कहती दिख रही है। पुलिस के अनुसार, तीनों शवों पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं, केबिन के अंदर हीटर चालू हालत में पाया गया है, केबिन बंद होने की वजह से दम घुटने से मौत की आशंका जताई जा रही है
पुलिस का मानना है कि ठंड से बचने के लिए केबिन में हीटर जलाया गया होगा और बंद जगह में ऑक्सीजन की कमी से तीनों की मौत हो गई होगी।
घटना की खबर फैलते ही गांव और आसपास के लोग फैक्टरी पहुंच गए। नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने फैक्टरी परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। हालात को संभालने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

