Bareilly: बरेली के फरीदपुर में थाने की दीवार फांदकर भागे इंस्पेक्टर रामसेवक की लास्ट लोकेशन बदायूं में मिली है। पुलिस इनपुट के मुताबिक, रामसेवक प्रयागराज अंडरग्राउंड में है। उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जायेगा। पुलिस के आला अधिकारी इंस्पेक्टर का इतिहास खंगाल रहे हैं।
रामसेवक पर उसी थाने में केस दर्ज किया गया है, जहां से उसके निर्देश चलते थे। पुलिस के अधिकारी अब उसके संपत्ति की भी जांच करेंगे। आय से अधिक संपत्ति मिलती है, तो FIR में धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी। मामला फ़िलहाल लखनऊ में उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया है। इसकी विवेचना दुसरे सर्किल के सीओ को दी गई है। बताया गया कि एसपी दक्षिण व सीओ का थाने में छापा पड़ते ही थानेदार, फरीदपुर से बदायूं के रास्ते भाग निकला। पुलिस को सर्विलांस के जरिए जानकारी मिली है कि बदायूं तक उसका नंबर ऑन था, लेकिन फिर उसके बाद स्विच ऑफ हो गया। इसी कारण से उसे ट्रेस नहीं किया जा सका।
पुलिस जांच में सामने आया-पिछले 10 महीने में रामसेवक इंस्पेक्टर फरीदपुर में प्रभारी इंस्पेक्टर था। रामसेवक ने थाने में सभी चौकी इंचार्ज और दरोगाओं को साइड लाइन कर दिया। अपनी सुरक्षा में तैनात हमराम समेत पांच सिपाहियों को अपना खास बना लिया। फरीदपुर बरेली देहात में कस्बे का महत्वपूर्ण थाना है। रामसेवक की वसूली का खेल रात में 11 बजे से 3 बजे तक चलता था।
इंस्पेक्टर रामसेवक हरदोई का रहने वाला है। उसकी तलाश में पुलिस टीम ने करीब 15 जगहों पर छापेमारी की है। पुलिस सूत्रों की मानें तो वह प्रयागराज पहुंचा है। यहां कोर्ट में सरेंडर कर सकता है और गिरफ्तारी के लिए स्टे ले सकता है। लेकिन, जो धारा लगाई गई हैं। मौके से जो एविडेंस कलेक्ट किए गए हैं, उससे वह बच नहीं सकता।
Bareilly: 7 करीबी पुलिस वालों पर लिया गया एक्शन
सीओ फरीदपुर गौरव सिंह की रिपोर्ट पर एसएसपी अनुराग आर्य ने शुक्रवार रात समेत 5 को निलंबित कर दिया। दरोगा समेत दो को लाइन हाजिर कर दिया। गुरुवार को फरीदपुर थाने में एसपी दक्षिण मानुष पारीक और सीओ गौरव सिंह ने छापा मारा था। जहां इंस्पेक्टर रामसेवक थाने की दीवार फांदकर फरार हो गया था। इसके बाद थाना परिसर में इंस्पेक्टर के कमरे से 9 लाख 96 हजार रुपए कैश मिला था।
एसएसपी ने हेड कॉन्स्टेबल रिजवान, हेड कांस्टेबल नीरज, हेड कॉन्स्टेबल अहसान, सिपाही सौरभ कुमार व सिपाही कृष्णा कुमार को निलंबित कर दिया। वहीं दरोगा जावेद अली आौर सिपाही अतुल वर्मा को लाइन हाजिर किया गया है।
31 अक्टूबर 2023 को रामसेवक को पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर फरीदपुर बनाया गया। वह पीलीभीत में इससे पहले तैनात रहे। पिछले साल दूसरे जिले से बरेली में ट्रांसफर होकर आए। जहां 31 अक्टूबर 2023 को तत्कालीन एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने पुलिस लाइन में तैनात रामसेवक को फरीदपुर थाने का चार्ज दिया।
ड्रग्स के लिए बदनाम है फरीदपुर थाना
फरीदपुर थाने में ड्रग्स का काम होता है। इंस्पेक्टर की टीम के तस्करों को उठाकर ले लाते थे। इसके बाद इनसे फिर वसूली का खेल शुरु होता। इंस्पेक्टर की राजनीतिक पहुंच भी बताई जा रही है। पीलीभीत का भाजपा नेता का बेटा भी इंस्पेक्टर को रिश्तेदार बताया जा रहा है। रामसेवक खुद को एक विधायक का रिश्तेदार बताता था। वह सिपाहियों और दरोगाओं से कहता था- मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता।
एसएसपी अनुराग आर्य को गुरुवार दोपहर को मुखिबर से सूचना मिली की पुलिस ने स्मैक तस्कर पकड़े हैं, मोटी रकम लेकर उन्हें छोड़ दिया। जिसके बाद एसएसपी ने एसपी दक्षिण मानुष पारीक व सीओ गौरव तत्काल मौके पर भेजा। यह सूचना थाने के ही पुलिसकर्मी ने ने उच्च अधिकारियों को दी। सूचना सटीक दी गई कि इंस्पेक्टर ने दो आरोपियों को छोड़ दिया, पैसे का लेनदेन इंस्पेक्टर के आवास पर हुआ है।
एक आरोपी हवालात में बंद है, उसने पैसे नहीं दिए। जिसके बाद हवालात में बंद युवक से जब एसपी दक्षिण मानुष पारीक और सीओ ने पूछताछ की तो उसने पूरी कहानी बता दी। एक दिन में दो आरोपियों को छोड़ने पर 7 लाख वसूले गए, तो समझ जाइए थाने में महीने की वसूली कितनी हो रही थी।