Boys Drowned in Pond: जौनपुर के पवांरा थाना क्षेत्र के सरायबिका गांव में नागपंचमी पर्व पर मछली पालन के लिए खोदे गए तालाब में गुड़िया डुबाने के दौरान तीन किशोरों की मौत हो गई। जिसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक, उक्त गांव में सोमवार को नाग पंचमी के त्योहार के अवसर पर गांव के ही बगल मछलीपालन के लिए खोदे गए तालाब में गांव की महिलाएं, युवतियां कपड़े की बनी गुड़िया डुबाने गईं थी। गुड़िया डुबाने के बाद सभी लोग अपने घरों की तरफ चले गए। दिन में लगभग 11 बजे सभी लोगों के घर से जाने के बाद आयुष सरोज (8 वर्ष) पुत्र रंजीत सरोज व सत्यम (10 वर्ष) पुत्र संजय सरोज तालाब में डंडे से गुड़िया पीट रहे थे। तभी आयुष गहरे पानी में चला गया (Boys Drowned in Pond) और डूबने लगा। जिसे बचाने के नियत से सत्यम भी गहरे पानी में चले गया और दोनों डूबने लगे।

दोनों को डूबता देख तालाब के किनारे खड़ा अभिषेक सरोज (15 वर्ष) पुत्र पप्पू सरोज तालाब में कूद (Boys Drowned in Pond) गया। किन्तु उन्हें बचाने के चक्कर में वह भी तालाब में डूब गया। तीन बच्चों के डूबने की खबर गांव में पता चलते ही हड़कंप मच गया। लगभग पूरा गांव तालाब किनारे पहुंच गया। ग्रामीणों ने तीनों को तालाब से बाहर निकालकर मछलीशहर स्थित एक निजी अस्पताल (Boys Drowned in Pond) पहुंचाया। जहां चिकित्सक ने तीनों की मौत की पुष्टि कर दी। किन्तु परिवार को अभी भी भरोसा नहीं हुआ। वे सभी तीनो को लेकर जौनपुर जाने लगे।
Boys Drowned in Pond: प्रशासन ने आर्थिक मदद का दिलाया भरोसा
लाला बाजार पहुंचने पर वाहन में बैठे कई लोगो के समझाने के बाद वे लोग तीनों बच्चों का शव लेकर घर पहुंचे। तीन शव घर पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पर उपजिलाधिकारी राजेश कुमार चौरसिया, नायब तहसीलदार सूरज कुमार पटेल, बीडीओ मछलीशहर सचिन भारती पवांरा थाने की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया।

दोपहर तक क्षेत्राधिकारी अतर सिंह, थानाध्यक्ष मछलीशहर युजवेंद्र कुमार सिंह परिजनों को पोस्टमार्टम करवाने के लिए समझा रहे थे। जबकि परिजन शव का पंचनामा कर अंत्येष्टि करने के लिए चल दिये। मृतक सत्यम सरोज तीन भाई व दो बहनों में सबसे छोटा था, आयुष दो भाईयों व तीन बहनों में सबसे छोटा था जबकि अभिषेक अकेला था। इस घटना से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।