- बोले अभय ठाकुर
- जी 20 बैठक के दौरान प्रेसवार्ता कर अब तक बैठकों की बतायी देशों की सहमति
वाराणसी। जी-20 की बैठक के दौरान सोमवार को भारत सरकार विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेके्रटरी अभय ठाकुर ने वाराणसी मे हो रही जी-20 की 100वीं बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके पूर्व भारत में जी-20 की जितनी भी बैठकें हुई हैं उन सभी में भारत की ओर से रखे गये विचारों पर सभी देशों के लोगों ने सहमति जतायी जो भारत के लिए एक सकारात्मक कदम है।
नदेसर स्थित होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि भारत के जी20 अध्यक्षता को जनता का जी-20बनाते हुए, देश और पूरे समाज के दृष्टिकोण में सक्रिय जनभागीदारी के साथ-साथ कई अन्य गतिविधियां गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।बताया कि अब तक जी20 आयोजन के अन्तर्गत तीन मंत्रिस्तरीय बैठके आयोजित की जा चुकीं हैं। 24-25 फरवरी, 2023 को पहली वित्त मंत्रियों और केन्द्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक (एफएमबीजी) बेंगलुरु में और दूसरी एफएमबीजी बैठक 12-13 अप्रैल, 2023 को वाशिंगटन डीसी में आयोजित की गई। 1-2 मार्च, 2023 को नई दिल्ली में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक (एफएमएम), और दो शेरपा बैठके उदयपुर (4-7 दिसंबर, 2022) और कुमारकोम (30 मार्च-2 अप्रैल, 2023) में आयोजित की गई हैं। 28 विदेशी मंत्रियों (18 जी20 सदस्यों, 9 अतिथि देशों और अफ्रीकन यूनियन अध्यक्ष, कोमोरोस) और 2 उप विदेश मंत्रियों ने भी बैठक में भाग लिया। ये मंत्रीमंडलीय बैठक उल्लेखनीय रहीं जिसमें जी20 की समान प्रथमिकताओं पर आम सहमति को बढ़ावा दिया गया है। इसमें एमडीवी सुधारों और पहले एफएमसीबीजी में ऋण प्रबंधन हेतु एक विशेषज्ञ समूह की स्थापना पर सहमति, बहुपक्षीय सुधारों, विकास सहयोग खाद्य और उर्जा सुरक्षा और आतंकवाद की समस्या, वैश्विक मानचित्रण और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर आम महमति बनी है।
आतंकवाद अपराध की श्रेणी में
बताया कि भारत की कृषि संबंधित कई मुद्दों पर जिस तरह से सभी देशों में प्रस्ताव लाकर सहमति बनायी जायेगी। उसी तर्ज पर सभी देशों के माध्यम से आतंकवाद को अपराध की श्रेणी में लाकर कार्य किया जायेगा। बताया कि पूरी दुनिया इससे ग्रसित है। भारत में जी-20 की सभी बैठके महत्वपूर्ण है।