वाराणसी: महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचकर संगम की त्रिवेणी में पुण्य स्नान कर रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को कई गणमान्य हस्तियों ने भी आस्था की डुबकी लगाई और महाकुंभ की आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।
राजनीति, प्रशासन और फिल्म जगत की हस्तियों का संगम स्नान
बुधवार को संगम तट पर स्नान करने वालों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, असम के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल और फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय शामिल थे। इन सभी विशिष्ट अतिथियों ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से हुआ भव्य स्वागत
प्रयागराज हवाई अड्डे पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने सभी अतिथियों का गुलदस्ते भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने इस अवसर पर सभी को बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन और गंगा स्नान का न्योता भी दिया।
महाकुंभ: गंगा तट पर आस्था और भक्ति का संगम
संगम तट पर स्नान के दौरान एक ओर जहां देश की राजनीति और प्रशासनिक जगत की हस्तियां आस्था में लीन नजर आईं, वहीं दूसरी ओर आम श्रद्धालुओं के साथ उनकी बातचीत और सेल्फी के दृश्य भी देखने को मिले।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का महासागर है। यहां आकर मन को अद्भुत शांति और ऊर्जा मिलती है।”

फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “संगम में स्नान करना आत्मिक अनुभव है। महाकुंभ की भव्यता और यहां की सकारात्मक ऊर्जा अद्वितीय है।”

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “संगम तट पर आकर मैं अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव महसूस कर रहा हूं।”
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने महाकुंभ के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और प्रयागराज प्रशासन की सराहना की।
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और राज्यपाल रामेन डेका ने भी संगम में आस्था की डुबकी लगाकर अपने भाव प्रकट किए। असम के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने कहा, “महाकुंभ भारतीय संस्कृति की जीवंत धरोहर है। यहां आकर आत्मिक शांति मिलती है।”
साधु-संतों का लिया आशीर्वाद
स्नान के बाद सभी गणमान्य अतिथियों ने संगम तट पर बने शिविरों में कुछ समय बिताया और वहां मौजूद साधु-संतों से आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने सभी को काशी आने का न्योता देते हुए कहा, “बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में सभी श्रद्धालुओं और संतों का स्वागत है। महाकुंभ के इस पावन अवसर पर काशी दर्शन से आस्था की पूर्णता होगी।”
Highlights
महाकुंभ का दिव्य और भव्य आयोजन
महाकुंभ में देश-विदेश के श्रद्धालु भारी संख्या में प्रयागराज पहुंच रहे हैं। इस पावन अवसर पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर लोग अपने पापों के नाश और मोक्ष की प्राप्ति की कामना कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महाकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
संगम नगरी प्रयागराज में आस्था और आध्यात्मिकता का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। देशभर से आए श्रद्धालु, संत-महात्मा और गणमान्य हस्तियां इस महायज्ञ में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं और संगम में आस्था की डुबकी लगा रही हैं।

