उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा 12 राज्यों में एसआईआर (Special Intensive Revision) के माध्यम से चलाया जा रहा मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान स्वागतयोग्य कदम है। इससे उन फर्जी नामों को सूची से हटाया जाएगा, जो गलत दस्तावेजों के आधार पर जोड़े गए थे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को इसी बात की तकलीफ है कि अब उनका “फेक वोट बैंक” खत्म होने जा रहा है।
विपक्ष ने किया है संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास– Brijesh Pathak
वाराणसी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री (Brijesh Pathak) ने कहा कि “कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हमेशा संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रहार किया है। जब भी ये दल अपनी राजनीति में विफल हुए हैं, तब-तब उन्होंने संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास किया है।” उन्होंने आगे कहा कि आज जब चुनाव आयोग पूरी पारदर्शिता से मतदाता सूची को शुद्ध कर रहा है, तब विपक्ष उसे निशाना बना रहा है, जो उनकी हताशा को दर्शाता है।
एक सवाल के जवाब में बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस एक-दूसरे के पूरक हैं, दोनों की राजनीति एक ही धरातल पर खड़ी है। “जहां भी फेक मतदाताओं की बात आती है, ये दोनों दल एक साथ दिखते हैं,” उन्होंने कहा।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं और चिकित्सा सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली। पाठक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

