फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) की ब्राह्मण समाज को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर देशभर में विरोध की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार उनकी आलोचना कर रहे हैं और विभिन्न स्थानों पर भी उनके खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वाराणसी जिला न्यायालय परिसर के बाहर अधिवक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए अनुराग कश्यप का पुतला जलाया।

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) की तस्वीर को जूतों से पीटकर अपनी नाराजगी जाहिर की और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अपमानजनक टिप्पणियाँ और ब्राह्मण समाज के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली भाषा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Anurag Kashyap जैसे लोग नहीं बदले तो उनकी खैर नहीं
प्रदर्शन में शामिल ने अधिवक्ता ने कहा कि फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप द्वारा एक ट्वीट करके ब्राह्मण समाज पर जो टिपण्णी की गई है वह बहुत निंदनीय है। अनुराग कश्यप को बोलने से पहले यह सोचना चाहिए कि वो किस पद पर है, उनकी फिल्मों को लोग देखते हैं और फॉलो करते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ब्राम्हण समाज की रक्षा के लिए सभी ने लाठी निकाल दिया है और अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) जैसे लोग नहीं बदलेंगे तो उनकी खैर नहीं। उनकी फिल्म का बहिष्कार होना चाहिए और हम अन्य अधिवक्ताओं व लोगों से भी यह अपील करते हैं कि वह हर चौकी थाने में जाकर उनके खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराये।
सिर्फ TRP पाने के लिए दे रहे ऐसा बयान
वहीं एक अन्य अधिवक्ता ने कहा कि अनुराग कश्यप यह नहीं जानते कि अंग्रेजों वाली नीति भारत में नहीं चलेगी। ब्राह्मण ही नहीं किसी भी वर्ग का अपमान कोई बर्दाश्त नहीं करेगा। अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) इस बात को समझना होगा। इसीलिए हमलोग ने उनका पुतला दहन किया और उनके फोटो की जूतों से पिटाई करके उनके सोच की पिटाई की है ताकि उन्हें समझ आ सके। वह सिर्फ TRP के लिए ऐसा काम कर रहे हैं लेकिन उनको समझना होगा कि भारत में अब जातिवाद की कोई बात नहीं रह गई है।

गौरतलब है कि अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) इससे पहले भी अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के चलते चर्चा में रह चुके हैं। उन्होंने एक बार फिर कुछ ऐसा कहा है जिससे समाज का ब्राह्मण वर्ग न सिर्फ आहत हुआ है बल्कि उसके सम्मान को चुनौती दी गई हैं। अनुराग कश्यप ने ‘ब्राह्मणों पर पेशाब’ करने तक की बात कह दी। जिसके बाद से ही पुरे देश में इसे लेकर विवाद चल रहा।