- विद्युत दर बढ़ाने और नया कनेक्शन महंगा करने की शुरू हो गयी है कवायद
- पावर कॉरपोरेशन नयी रेट लिस्ट का प्रस्ताव जल्द ही भोजेगा नियामक आयोग को
- नयी कॉस्ट डेटा बुक में पांच किलोवॉट से कम लोग वालों को मिल सकती है राहत
जितेंद्र श्रीवास्तव
वाराणसी। यदि आप नया मकान बनवा रहे हैं या फिर कोई फैक्ट्री लगा रहे हैं या फिर स्वरोजगार के तहत बड़ी दुकान या शोरूम खोलने की योजना बना रहे हैं तो बिजली तो चाहिए ही चाहिए। बगैर बिजली के कोई काम होने वाला नहीं है। ऐसे लोगों को बिजली का नया कनेक्शन लेना अब महंगा पड़ने वाला है। वजह, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लि. (यूपीपीसीएल) ने नये कनेक्शन लेने की खातिर लगने वाले चार्ज का बढ़ाने की कवायद शुरू कर दिया है। साल 2019 के बाद यह पहला मौका होगा, जब पावर कॉरपोरेशन कॉस्ट डेटा बुक की दरों में बदलाव की तैयारी में जुट गया है।
यूपीपीसीएल सूत्रों की मानें तो एक तरफ जहां बिजली दरें बढ़ाने की तैयारी चल रही है और यह मामला फिलहाल उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग के पाले में हैं। इसके बीच बिजली के नये कनेक्शन भी महंगा करने की कवायद शुरू हो गयी है। माना जा रहा है कि बिजली कनेक्शन लेना करीब 15 प्रतिशत तक महंगा हो सकता है। वजह, बिजली कनेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों मसलन पोल, डिस, इंसुलेटर, तार, ट्रांसफॉर्मर आदि की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी पावर कॉरपोरेशन कर रहा है। जल्द ही पावर कॉरपोरेशन और उपभोक्ता परिषद की चर्चा के बाद नयी रेट लिस्ट का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग को भोजा जाएगा।
पांच किलोवाट से अधिक कनेक्शन लेने वालों को लग सकता है झटका
यूपीपीसीएल सूत्रों की मानें तो वाराणसी समेत प्रदेश भर में इन दिनों बड़े पैमाने पर बिजली कनेक्शनों को नियमित करने का भी अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में पावर कॉरपोरेशन नहीं चाहता है कि छोटे उपभोक्ताओं का कनेक्शन महंगा किया जाए। यही वजह है कि पांच किलोवॉट तक के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं का कनेक्शन महंगा नहीं करने पर विचार किया जा रहा है। इस श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए जमानत धनराशि, मीटर कॉस्ट और लेबर चार्ज में किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा। हालांकि पांच किलोवॉट से अधिक लोड का कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं की दरों में पांच प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाया जा रहा है।
यूपीपीसीएल सूत्रों की मानें तो नयी कॉस्ट डेटा बुक में कुछ बदलाव भी होंगे। इसमें बिजली उपभोक्ताओं को 10 केवीए, 16 केवीए तक के ट्रांसफॉर्मर से कनेक्शन लेने की छूट होगी। मौजूदा समय में 10 केवीए और 16 केवीए ट्रांसफॉर्मर से कनेक्शन लेने की छूट नहीं है। इसका फायदा छोटे उपभोक्ताओं को मिलेगा। आमतौर पर नयी छोटी कॉलोनियों में रहने वाले लोग और किसान कनेक्शन के लिए 10 केवीए का ही ट्रांसफॉर्मर लगवाते हैं। सूत्रों की मानें तो छोटे-छोटे ट्रांसफॉर्मर लगाने से लोड फैक्टर का भी झंझट नहीं होगा और लगाये जाने वाले केबल के माध्यम से बिजली चोरी पर भी लगाम लग सकेगा।
जाने कॉस्ट डेटा बुक के बारे में
यूपीपीसीएल सूत्रों की मानें तो कॉस्ट डाटा बुक के आधार पर ही उपभोक्ताओं से कनेक्शन की दरें वसूली जाती हैं। जहां कहीं भी बिजली का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना होता है। वहां पोल, केबल, ट्रांसफॉर्मर आदि लगाये जाते हैं। इन सामग्रियों की दरें कॉस्ट डेटा बुक से निर्धारित होती हैं। डेटा बुक में तय दरों के हिसाब से ही बिजली विभाग इस्टीमेट बनाता है। बनाये गये इस्टीमेट के हिसाब से ही भुगतान करना होता है।

