वाराणसी। मोहनसराय किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में सोमवार को बैरवन में अनिश्चित कालीन बेमियादी धरना अनवरत चौथे दिन जारी रहा। उच्च न्यायालय इलाहाबाद का स्पष्ट आदेश है कि मुआवजा नहीं लेने वाले किसानों का मालिकाना हक बना रहेगा, उसके बावजूद करनाडाड़ी के किसान मेवालाल, शारदा, बाबूलाल आदि के आराजी नंबर 235 की जमीन पर जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाई से आक्रोशित 11 किसानों को माल्यार्पण कर समिति के मुख्य संरक्षक विनय शंकर राय ‘मुन्ना’ ने क्रमिक अनशन पर बैठाया।
अनशन पर बैठे छेदी पटेल ने कहा कि संकल्प के साथ हम सर पर कफन बांधकर अपनी इसी पुस्तैनी जमीन में दफन हो जायेंगे लेकिन जीते जी जमीन लूटने नहीं देगे, वहीं मुन्ना राय ने कहा कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा किसानों के मालिकाना हक के पक्ष में आदेश देना ये सिद्ध करता है की 16 मई को जिला प्रशासन की कब्जे एवं बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज एवं दमनात्मक कार्यवाई पूर्णतया अवैधानिक थी। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ‘लक्कड़ पहलवान’ ने कहा कि किसानों के हक अधिकार का हनन पार्टी नहीं होने देगी।
राष्ट्रीय समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि प्रताप सिंह एवं वंदना सिंह ने कहा कि पीएम के संसदीय क्षेत्र मे दर्जनों महिलाये पुलिस के दमन से लहूलुहान हो गयी, सैकड़ों किसान घायल हुये। अनशन पर छेदी पटेल , मेवा पटेल, लालमनी पटेल, कल्लू पटेल, हृदय नरायण उपाध्याय, खटाई लाल शर्मा, प्रेम शाह, दिनेश तिवारी, विजयी पटेल, विजय गुप्ता एवं लाल बहादुर पटेल क्रमिक अनशन पर बैठे थे। इस दैरान दिलीप पटेल, कांगे्रस के प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह, हरीश मिश्रा, ज्ञानू यादव, कैलाश पटेल, अखिलेश पांडेय, संगीता पटेल, विजय सोनकर, अमलेश पटेल, लक्ष्मी नरायण यादव आदि लोग धरने में शामिल थे।

