- टेंडर में कमीशन देने का है मामला, आरोप तय पर सुनवाई पांच को
वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम /एमपी-एमएलए कोर्ट) अवनीश गौतम की अदालत से टेंडर का कमीशन न देने पर जान से मारने की धमकी देने और साक्ष्य मिटाने के मामले में आरोपित पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति एवम अन्य की राहत नही मिली। कोर्ट ने आरोपितों की निगरानी अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी। इस मामले में लोअर कोर्ट ने पिछले साल 25 नंबर को आरोपितों की डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ आरोपितों ने सत्र न्यायालय में निगरानी अर्जी दाखिल की थी। इस मामले में अब 15 मई को लोअर कोर्ट में आरोप तय करने सबंधित मामले में सुनवाई होगी। निगरानी अर्जी पर अभियोजन की ओर से एडीजी सी विनय सिंह ने पैरवी की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गोदौलिया निवासी अरविंद कुमार तिवारी ने 30 जून 2018 को दशाश्वमेध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि 9 जून को उसके मोबाइल पर फोन आया था। फोन करने वाले ने स्वयं को गायत्री प्रजापति बताते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बालू खनन के टेंडर का कमीशन मांगने लगा। उसने जब यह कहा कि उसका टेंडर उसी समय कैंसिल हो गया था और टेंडर से सम्बंधित कोई कार्य ही जब नही हुआ तो कहां से कमीशन दूंगा। इस पर फोन करने वाले व्यक्ति ने टेंडर का कमीशन न देने पर जान से मारने की धमकी देने लगा। इस मामले में पुलिस ने विवेचना की गई। गायत्री प्रसाद प्रजापति समेत कई लोग के आरोपी बनाया। आरोपी की ओर से लोअर कोर्ट में आरोप से मुक्त करने के लिए आवेदन दिया। जिस पर लोअर कोर्ट ने खारिज कर दिया था।