Gazipur: जिले के कासिमाबाद के एम.आर.डी. पब्लिक स्कूल, सेवठा सिंगेरा में उर्दू भाषा में प्रार्थना कराए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के युवा जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ताओं ने कासिमाबाद उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की।
स्कूल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
संगठन का आरोप है कि स्कूल में छोटे-छोटे बच्चों से उर्दू भाषा में प्रार्थना कराई जा रही है, जो बच्चों के मानसिक विकास और शिक्षा नीति के विपरीत है। ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि तहसील क्षेत्र स्थित MRD पब्लिक स्कूल सिंगेरा (Gazipur) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें बच्चों को उर्दू में प्रार्थना करते देखा गया। इसी को संज्ञान में लेते हुए उपजिलाधिकारी लोकेश कुमार को पत्रक सौंपकर विद्यालय की मान्यता रद्द करने सहित कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
शिक्षा के नाम पर थोपा जा रहा धार्मिक विचारधारा
उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे हिंदू परिवारों से हैं और उनकी आयु काफी कम है। संगठन का कहना है कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की धार्मिक या वैचारिक विचारधारा थोपना अनुचित है। राजकुमार सिंह ने दावा किया कि CBSE बोर्ड के नियमों के अनुसार किसी एक धर्म विशेष (Gazipur) का प्रचार-प्रसार विद्यालयों में नहीं किया जा सकता, और यह जनपद का पहला मामला है जहां इस प्रकार की गतिविधि सामने आई है।
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय की मान्यता, फीस संरचना और अन्य गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन (Gazipur) के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई है। इस दौरान भूपेंद्र सिंह, हर्ष सिंह, मिथलेश सिंह, विशाल सिंह, शिवम सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आइये जानते हैं क्या है प्रशासन का पक्ष
कासिमाबाद उपजिलाधिकारी लोकेश कुमार ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन का स्पष्टीकरण
वहीं,MRD पब्लिक स्कूल, सेवठा सिंगेरा के प्रबंधक श्रीनाथ यादव ने आरोपों (Gazipur) को खारिज करते हुए बताया कि विद्यालय में नियमित रूप से इंग्लिश में प्रार्थना होती है। बीच-बीच में CBSE बोर्ड के सर्कुलर के तहत ‘भाषा उत्सव’ का आयोजन किया जाता है, जिसमें “Language in Lesson” के अंतर्गत सभी भाषाओं के प्रचार-प्रसार का उद्देश्य होता है।
उन्होंने कहा कि हिंदी, उर्दू, पंजाबी, भोजपुरी जैसी भाषाओं और संस्कृतियों को बढ़ावा देने के लिए सप्ताह में एक-एक दिन भाषा परिवर्तन के साथ प्रार्थना कराई जाती है। वायरल वीडियो (Gazipur) दस दिन से अधिक पुराना है और इसका उद्देश्य किसी की भावना को आहत करना नहीं था। विद्यालय में लगभग 700 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और सभी कार्यक्रम शैक्षणिक व सांस्कृतिक उद्देश्य से कराए जाते हैं।

