Ghazipur: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कासिमाबाद में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक महिला के भाई ने ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय (Ghazipur) लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में बैंडेज छूट गया, जिसकी वजह से उसकी हालत बिगड़ती चली गई।

जानकारी के अनुसार, बरेसर थाना क्षेत्र के बदरपुर (Ghazipur) चांद गांव निवासी नीतीश कुमार (भाई) दर्जनों ग्रामीणों के साथ सीएचसी पहुंचे और बताया कि उनकी बहन इंद्रकला देवी का ऑपरेशन 29 दिसंबर को इसी अस्पताल में हुआ था। उनका आरोप है कि ऑपरेशन के नाम पर ₹7000 नकद, ₹2000 ऑनलाइन शुल्क लिया गया और बाहर से ₹1400 की दवाएं भी मंगवाई गईं।

Ghazipur: वाराणसी के निजी अस्पताल में कराई जांच
परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद महिला को लगातार दर्द और ऑपरेशन वाले स्थान से मवाद आने की शिकायत रही। स्थिति में सुधार न होने पर उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली। बाद में वाराणसी के निजी अस्पताल में जांच कराई गई, जहां पेट में बैंडेज छूटने की जानकारी मिलने का दावा किया गया। परिजनों के मुताबिक, 9 फरवरी को दोबारा ऑपरेशन कर बैंडेज निकाला गया, लेकिन महिला की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। उन्होंने संबंधित चिकित्सक और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कासिमाबाद (Ghazipur) के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सरफराज अहमद ने बताया कि परिजनों की ओर से लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल प्रशासन द्वारा स्थिति को शांत कराया गया है और मामले की जांच की बात कही जा रही है।

