धार्मिक नगरी वाराणसी (Varanasi) के प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर में आज पवन पुत्र हनुमान के जन्मोत्सव को लेकर भक्ति और उल्लास का माहौल है। मंदिर के महंत प्रो. विषम्भर नाथ मिश्रा ने बताया कि आज विशेष अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें शहर से अधिक गांवों के लोग शामिल हैं। भक्त ध्वज लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं और पूरे परिसर में “जय श्री राम” और “हनुमान जी की जय” के जयकारे गूंज रहे हैं।

महंत प्रो. विषम्भर नाथ मिश्रा ने बताया कि इस खास दिन पर मंदिर प्रशासन की ओर से यह प्रयास किया जा रहा है कि अधिक से अधिक भक्तों को उनके हाथों से ही प्रसाद वितरित किया जाए। यह सेवा सुबह से शुरू होकर शाम तक निरंतर जारी रहेगी, जिससे हर श्रद्धालु (Varanasi) इस पावन अवसर का हिस्सा बन सके।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव (Varanasi) के उपलक्ष्य में 11 अप्रैल तक विशेष उत्सव का आयोजन किया गया है। इस दौरान विभिन्न मंडलियां मंदिर में पहुंचकर रामनाम संकीर्तन कर रही हैं। भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है और श्रद्धालु इसमें बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
Varanasi: बैठी हुई मुद्रा में दर्शन की अनूठी परंपरा
वहीं महंत ने मंदिर (Varanasi) से जुड़ी एक विशेष धार्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि पूरे वर्ष भगवान हनुमान यहां खड़े होकर भक्तों को दर्शन देते हैं, लेकिन आज के दिन उन्हें विशेष रूप से बैठाकर दर्शन कराया जाता है। यह परंपरा भक्तों के लिए विशेष महत्व रखती है और इस दिन के दर्शन को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन और मंदिर समिति मिलकर भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में जुटे हैं।

