Varanasi: बारिश और उसमें जलजमाव से शहर में बदहाली।।ये बात तो जैसे काशीवासियों के लिए आम हो गयी है। जब-जब बनारस में बारिश होती है, तब-तब यहां के लोगों को और यहां आने वाले पर्यटकों को इस जलजमाव का सामना करना पड़ता है। लेकिन वाराणसी में बीते 24 घंटे में जो बारिश हुई। उसमें तो मानों पूरा शहर ही झील बन गया हो। शहर की सड़कों पर चारों-तरफ जलभराव हो गया। आने-जाने वालों को 3 फीट तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। सड़कें हो या फिर हो गलियां या हो चाहे पार्क सब कुछ तालाब में तब्दील नजर आ रहा। पूरा शहर आज बारिश के पानी के आगे बेबस नजर आ रहा है।


Varanasi: श्रद्धालु और पर्यटक भी बारिश के पानी से होते हुए मंदिर पहुंचे
वाराणसी (Varanasi) के व्यस्ततम गोदौलिया मार्केट में पानी भरने से चाय नाश्ते और रेहड़ी पटरी की कई दुकानें नहीं खुल पाईं। वहीं, श्रद्धालु और पर्यटक भी बारिश के पानी से होते हुए गंगा घाट और मंदिर जाते दिखे। लंका से लेकर कैंट स्टेशन तक सड़कों पर जलभराव दिखा। कैंट रेलवे स्टेशन के पास रोडवेज के सामने वाटर लाइन टूट गई। इससे पानी का फव्वारा करीब 70 फीट ऊंचा उठकर रेलवे लाइन पर गिरा। ट्रेनें आईं तो यात्री भी भीग गए। इस बारिश ने वाराणसी नगर निगम की पोल भी खोलकर रख दी है।


इसके बारे में मीडिया से बात करते हुए स्थानीय निवासी (Varanasi) रविकांत विश्वकर्मा ने बताया कि बनारस में थोड़ी बारिश क्या हो गई पूरी गोदौलिया चौराहे ही जलमग्न हो गया। जलमग्न होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि नगर निगम प्रशासन, जल प्रशासन द्वारा सीवर सफाई नियमहतः नहीं की जाती है। सभी प्रतिष्ठानों के बाहर पानी भर जाने के कारण सभी दुकानों के शटर बंद हैं और उसके अंदर पानी चला गया जिसके कारण व्यापारियों को सामान का ज्यादा नुकसान हुआ है। इनसब की सुध लेने वाला कोई नहीं है।


अब बात यह है कि नगर निगम के तमाम वादें और तमाम कार्य, जो हमें जमीनी स्तर पर तो होती नजर आती है लेकिन असल में क्या कार्य होते हैं वो नगर निगम के अधिकारी ही जानें। खैर बात यह है कि स्मार्ट सिटी काशी इस प्रकार से बदहाली नजर आना।।क्या स्मार्ट सिटी (Varanasi) के विकास पर यह एक धब्बा नहीं? आखिर कब तक विकास के राह पर चल रहे कार्य के पीछे काशीवासियों (Varanasi) को अँधेरा देखने को मिलेगा?