‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar) की बहुप्रतीक्षित शुरुआत शुक्रवार को हो गई। कोविड-19 महामारी के कारण पिछले पांच वर्षों से बंद पड़ी इस तीर्थ यात्रा को विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत और जीवंत सभ्यता का प्रतीक बताया।
मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “कैलाश मानसरोवर (Kailash Mansarovar) यात्रा के पहले जत्थे को रवाना कर गर्व महसूस कर रहा हूं। मैं सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की कामना करता हूं और इस आयोजन को संभव बनाने में सहयोग देने के लिए राज्य सरकारों, आईटीबीपी और अन्य एजेंसियों का आभार व्यक्त करता हूं।” उन्होंने यात्रा के पुनरारंभ में चीन सरकार के सहयोग का भी धन्यवाद दिया।
15 जून को रवाना होगा यात्रियों का जत्था
पहले जत्थे में 50 तीर्थयात्री शामिल होंगे, जो 15 जून को गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन से यात्रा (Kailash Mansarovar) पर निकलेंगे। इस भवन का निर्माण उत्तर प्रदेश सरकार के धर्मार्थ कार्य विभाग द्वारा किया गया है, जबकि इसका प्रबंधन उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (UPSTDC) कर रहा है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस यात्रा भवन
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इंदिरापुरम स्थित भवन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। पूरी तरह वातानुकूलित इस भवन में एक समय में 288 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। यहां तीर्थयात्रियों (Kailash Mansarovar) को एक ही स्थान पर आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

