कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Election) के मद्देनजर कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी किया। जिसमें उन्होंने कांग्रेस सरकार बनने और बजरंग दल और उसी जैसे कई संगठनों को बैन करने की बात कही है। जिसके बाद कर्नाटक में इसे लेकर राजनीति तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र पर पलटवार किया है। पीएम मोदी ने जवाब देते हुए कहा – ये वही कांग्रेस है जिसने पहले श्रीराम को ताले में बंद किया, अब बजरंग बली को बंद करने की बात कर रहे। पीएम ने अयोध्या में रामलला मंदिर वाली घटना का जिक्र किया, जिस समय कांग्रेस की सरकार थी।
कांग्रेस ने मंगलवार को घोषणा पत्र जारी करते हुए बजरंग दल और PFI का जिक्र करते हुए कहा था कि धर्म के नाम पर नफरत फ़ैलाने वालों पर एक्शन लेंगे। इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने विजय नगर की रैली में कहा – आज हनुमान जी की इस पवित्र भूमि को नमन करना मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है और दुर्भाग्य देखिए, मैं आज जब यहां हनुमान जी को नमन करने आया हूं उसी समय कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बजरंग दल को बैन करने का ऐलान कर दिया।
कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में यूथ के लिए कई वादे
कर्नाटक में कांग्रेस ने हर परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली, परिवार की प्रत्येक महिला मुखिया को हर महीने 2 हजार रुपए देने की घोषणा की है। पार्टी ने यूथ वोटर्स को साधने के लिए भी घोषणाएं की हैं। इसके तहत बेरोजगार ग्रेजुएट को दो साल के लिए 3 हजार रुपए और डिप्लोमा होल्डर्स को 1,500 रुपए प्रति माह देने का ऐलान किया है। इसके अलावा राज्य सरकार की बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा का भी वादा किया है।

