Mahakumbh 2025: जहाँ एक ओर महाकुंभ 2025 को भव्य बनाने के लिए शासन-प्रशासन जोरो-शोरों में लगा हुआ है। वहीं महाकुंभ में मुसलमानों की एंट्री बैन को लेकर लेकर भी विवाद छिड़ गया है। इसी बीच रविवार को आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने एक विवादित बयान जारी किया है। जिसमें उन्होंने महाकुंभ जिस जगह पर आयोजित की जा रही है वहां के जमीन का 55 बीघा हिस्सा वफ्फ़ बोर्ड का बताया है। उनका यह बयान पुरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। इसपर विवाद शुरू हो गये हैं।
हालाँकि इससे पहले माहौल (Mahakumbh 2025) तनावपूर्ण होते वफ्फ़ बोर्ड ने मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के बयान को अफवाह और बकवास बताते हुए इसे ख़ारिज कर इसपर ना ध्यान देने की अपील की है। इसी कड़ी में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के जॉइंट सेकेट्री एस. एम. यासीन ने भी मौलाना के बयान का खंडन किया है।
ये सब बकवास, ना दे इसपर ध्यान- एस. एम. यासीन
एस. एम. यासीन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये सब बकवास है। इसपर ध्यान ना दिया जाए। हजारों सालो से कुम्भ होता आया है। प्रयागराज कुम्भ की नगरी है। मौलाना ने जो यह शोशा छोड़ा है उन्होंने समाज के एक साथ बहुत भद्दा मजाक किया है और ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए जिससे समाज (Mahakumbh 2025) में दुर्राव हो।
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार का बयान उचित नहीं है। मैंने वफ्फ़ बोर्ड के चेयरमैन से भी बात की और उन्होंने ने भी यह कहा कि इतने सालों से मैं मेम्बर हूँ वफ्फ़ बोर्ड का और अब चेयरमैन भी हूँ लेकिन मेरे सामने ऐसी कोई फाइल नहीं आई जिसमें ऐसा कुछ मेंशन हो।
हम हमेशा करते हैं महाकुंभ के दर्शनार्थियों का स्वागत
एस. एम. यासीन ने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसी बातों से लोगों को परहेज करना चाहिए। इस प्रकार की बातों को कभी भी संजीदगी से नहीं लेना चाहिए। हम खुद कुम्भ (Mahakumbh 2025) के दर्शनार्थियों का भव्य स्वागत करते हैं और इसबार भी करेंगे। हम बनारस आने वाले नागा साधुओं का भी स्वागत करते हैं और आगे भी करेंगे।
इस प्रकार के बयान को लेकर लोगों पर कार्यवाही होनी चाहिए या नहीं इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हाँ बिलकुल, प्रशासन जो उचित समझे वो करे। समाज को ऐसे लोगों चाहे वह हिन्दू या मुस्लिम जिस भी समाज के हो उन्हें अलग कर देना चाहिए।
वहीं कुंभ (Mahakumbh 2025) में संतों द्वारा गैर हिन्दुओं का प्रवेश वर्जित इसके बारे में उन्होंने कहा कि ये उनकी अपनी मर्जी है। वो उनका धार्मिक क्षेत्र है, वह जो भी निर्णय ले। इसमें किसी भी मुसलमान को आपति नहीं होनी चाहिए। हालाँकि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ लेकिन अब समाज में ऐसी स्थिति हो चुकी है जिसके वजह से उन्होंने ऐसा किया है। संतों ने अगर निर्णय लिया है वो ठीक है।
ये था मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का बयान
दरअसल, मौलाना शहाबुददीन ने बयान जारी किया कि कुंभ (Mahakumbh 2025) के मेले की जहां तैयारियां की जा रही है वो जमीन वक्फ की संपत्ति है। ये जमीन लगभग 54 बीघा बताई जा रही है। मुसलमानों ने बडा दिल दिखाते हुए कोई आपत्ति नहीं की है। कुंभ मेले के सारे इंतेजाम इसी वक्फ की जमीन पर हो रहे हैं। मगर दूसरी तरफ अखाड़ा परिषद और दूसरे बाबा लोग मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी लगा रहे है। उन्हें इस तरह की सोच को छोड़ना होगा, मुसलमानों की तरह बड़ा दिल दिखाना होगा।


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